एलन मस्क ने पाकिस्तान ग्रूमिंग गैंग मामले में ब्रिटेन पर हमला बोला है। प्रियंका चतुर्वेदी ने भी पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, जिसे मस्क का समर्थन मिला। ब्रिटेन में इस मामले पर तूल पकड़ रहा है।

Pakistan Grooming gangs: यूएस के ताकतवर बिजनेसमैन एलन मस्क का यूके के पीएम कीर स्टार्मर पर पाकिस्तान ग्रूमिंग गैंग को लेकर लगाया गया आरोप अब ग्लोबल बहस का मुद्दा बन चुका है। भारत की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ग्रोमिंग गैंग को लेकर पाकिस्तान पर ठीकरा फोड़ा है। शिवसेना यूबीटी की प्रवक्ता के बयान पर एलन मस्क ने भी समर्थन किया है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग्स के लिए पूरे एशियाई देशों को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। बल्कि यह एक खलनायक राष्ट्र पाकिस्तान की देन है। उनके इस बयान का समर्थन करते हुए एलन मस्क ने सच करार दिया है।

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दरअसल, कुछ दिनों पहले ही टेस्का के मालिक एलन मस्क ने ब्रिटेन पर हमला बोला था। यूके पीएम कीर स्टार्मर को लेकर टेस्ला चीफ ने पाकिस्तान के ग्रूमिंग गैंग्स को बचाने और उनके इस्तीफा की मांग तक कर डाली थी।

ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी भी मस्क के समर्थन में...

प्रियंका चतुर्वेदी का यह बयान उस दिन आया है जब ब्रिटेन की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी ने संसद में एक नए राष्ट्रीय जांच की मांग की है। कंजर्वेटिव पार्टी ने विशेष रूप से उत्तरी इंग्लैंड के विभिन्न शहरों में पाकिस्तानी मूल के पुरुषों द्वारा मुख्य रूप से श्वेत ब्रिटिश लड़कियों के खिलाफ किए गए यौन शोषण की जांच मांग की है। यह मामला दशकों से जारी है।

प्रियंका गांधी ने एशियाई देशों पर आरोप लगाने की खिलाफत की

प्रियंका चतुर्वेदी ने ब्रिटेन के लेबर पार्टी के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के सोमवार के बयान पर आपत्ति जताई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि जब वह 2008 से 2013 तक क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के प्रमुख थे तो उन्होंने पहले एशियाई ग्रूमिंग गैंग के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

ब्रिटेन में गरमाया ग्रूमिंग गैंग का विवाद

ग्रूमिंग गैंग्स का विवाद इस समय ब्रिटेन में गर्माया हुआ है। यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर दबाव बढ़ गया है क्योंकि वह CPS में थे जब यह घटनाएं हुईं थी। उन्होंने इस सप्ताह झूठ और गलत जानकारी के आरोपों को खारिज किया था। स्टार्मर ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों और किसी भी जांच की मांग से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता पहले से किए गए व्यापक सात साल के जांच के सुझावों पर अमल करने पर होनी चाहिए जिसमें इस मुद्दे को हल करने के लिए लगभग दो दर्जन सिफारिशें दी गई थीं।

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