5 जनवरी को जेएनयू में अज्ञात नकाबपोशों ने छात्रों पर हमला कर दिया था। इस हमले के बाद प्रियंका गांधी घायल छात्रों से मिलने एम्स पहुंची थीं। इसी दौरान जब एक एबीवीपी से जुड़े छात्र ने उनसे अपनी बात कहने की कोशिश की, तो उनके सुरक्षागार्ड ने उस स्टूडेंट को हटा दिया। 

नई दिल्ली. 5 जनवरी को जेएनयू में अज्ञात नकाबपोशों ने छात्रों पर हमला कर दिया था। इस हमले के बाद प्रियंका गांधी घायल छात्रों से मिलने एम्स पहुंची थीं। इसी दौरान जब एक एबीवीपी से जुड़े छात्र ने उनसे अपनी बात कहने की कोशिश की, तो उनके सुरक्षागार्ड ने उस स्टूडेंट को हटा दिया और प्रियंका भी बिना बात किए वहां से चली गईं। 

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यह वीडियो एबीवीपी ने ट्विटर पर शेयर किया है। वीडियो में दिख रहे छात्र ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जेएनयू में हिंसा में उन्हें भी चोटें आई थीं। जब प्रियंका एम्स पहुंची थीं, तो वे अपने 11 साथियों के साथ जमीन पर बैठे थे, जब हम उनके पास गए और उन्हें बताना चाहा कि हमें लेफ्ट छात्रों ने पीटा है, यह सुनते ही प्रियंका के गार्डों ने उसे हटा दिया और वे भी बात सुने आगे निकल गईं। 

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5 जनवरी को हुई थी हिंसा
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार 5 जनवरी की शाम 4 बजे कुछ नकाबपोश हॉस्टल में घुस आए। उनके पास रॉड और डंडे थे। आरोप है कि उन्होंने जेएनयू छात्रों को बुरी तरह से पीटा। लेफ्ट संगठन और एबीवीपी एक दूसरे पर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं। इस हमले में करीब 30 छात्र जख्मी हुए थे। उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को पुलिस ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि इस हमले में लेफ्ट के छात्र संगठनों का हाथ हैं। साथ ही पुलिस ने 9 हमलावरों की पहचान भी की है। इसमें 2 एबीवीपी के छात्र भी हैं।