राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(RSS) प्रमुख मोहन भागवत सितंबर के आखिर में राजस्थान जाएंगे। भागवत 7 दिन राजस्थान में गुजारेंगे। इस बीच पूर्व CJI की भागवत से मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है।

जयपुर, राजस्थान. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(RSS) प्रमुख मोहन भागवत सितंबर के आखिर में राजस्थान के दौरे पर जाने वाले हैं। संघ नेता रमेश अग्रवाल ने एक बयान के जरिये बताया कि भागवत 17 से 20 सितंबर तक चित्तौड़गढ़ और फिर 24 से 26 सितंबर तक जोधपुर के दौरे पर रहेंगे। भागवत उदयपुर में तीन दिन और भीलवाड़ा में एक दिन रहेंगे। इस दौरे में कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाएगा, इसलिए भागवत के प्रवास के दौरान कोई भी सावर्जनिक कार्यक्रम नहीं होगा।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

यह भी पढ़ें-'गिलानी' की मौत पर पाकिस्तान ने बहाए आंसू, twitter पर मिला जवाब- तुम्हारी कब्र तैयार है इधर

संगठन को और मजबूत बनाने की कवायद
मोहन भागवत का यह दौरा RSS के और अधिक विस्तार और मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है। वे संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर संघ पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे। कोरोना काल के दौरा भागवत का यह राजस्थान में पहला दौरा है। माना जा रहा है कि तीसरी लहर को लेकर भी भागवत संघ के पदाधिकारियों को अलर्ट रहने और लोगों की मदद के लिए तैयार रहने को कहेंगे।

यह भी पढ़ें-'गिलानी' की मौत पर आंसू बहा रहा पाकिस्तान; लेकिन अपने पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर क्यों बेशर्म बना रहा?

आत्मनिर्भर बनने पर जोर
दुनिया के मौजूदा बदलते परिदृश्य खासकर चीन के हालात के मद्देनजर भागवत आत्मनिर्भरता पर जोर दे रहे हैं। भागवत लगातार आत्मनिर्भरता की बात कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे पर भी वे इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।

पूर्व CJI और भागवत की मुलाकात चर्चा में
मंगलवार को पूर्व CJI एसए बोबडे ने नागपुर स्थित संघ के कार्यालय पहुंचकर मोहन भागवत से मुलाकात की थी। बोबडे अप्रैल, 2021 में रिटायर्ड हुए हैं। वे देश के नवंबर, 2019 में देश के 47वें प्रधान न्यायाधीश बने थे। बोबडे संघ कार्यालय में संघ के पूर्व सरकार्यवाहक भैयाजी जोशी से भी मिले थे। इससे पहले वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के घर भी जा चुके हैं। पूर्व CJI और भागवत की मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है। यह मुलाकात मंगलवार को हुई थी। माना जा रहा है कि भाजपा बोबडे को राज्यसभा भेज सकती है। इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर काफी कमेंट्स आए। एक यूजर ने लिखा- वाह क्या लोकतंत्र है और क्या न्याय व्यवस्था। किसी ने लिखा कि लगता है कि सांसद बनने की लालसा है।

यह भी पढ़ें-अलगाववादी नेता गिलानी के निधन पर पााकिस्तान में एक दिन का राजकीय शोक; कांग्रेस ने बताया एक जिहादी एजेंट
https://hindi.asianetnews.com/national-news/separatist-leader-syed-ali-shah-geelani-passes-away-qysap6