बगावती सुर दिखाने वाले सचिन पायलट पर कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई की है। कांग्रेस ने पायलट को डिप्टी सीएम और राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया। इसके अलावा उनके खेमे के दो विधायकों को मंत्री पद से हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद सचिन पायलट ने भी अपने तेवर दिखाए।

जयपुर. बगावती सुर दिखाने वाले सचिन पायलट पर कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई की है। कांग्रेस ने पायलट को डिप्टी सीएम और राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया। इसके अलावा उनके खेमे के दो विधायकों को मंत्री पद से हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद सचिन पायलट ने भी अपने तेवर दिखाए। उन्होंने अपना ट्विटर बायो चेंज कर लिया। 

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सचिन पायलट ने अपने ट्विटर पर बायो चेंज करते हुए खुद को टोंक से विधायक बताया है। इससे पहले उनके बायो में डिप्टी सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लिखा था। 




सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं- पायलट
पायलट से जारी सियासी घटनाक्रम के बीच चार दिन बाद अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं।

सुलह के मूड में नहीं पायलट
पायलट खेमे ने भी साफ कर दिया कि वे सुलह के मूड में नहीं हैं। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पी चिदंबरम समेत तमाम नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की। लेकिन वे नहीं माने। हालांकि, उनके करीबी ने भाजपा में जाने की अटकटों पर भी विराम लगा दिया।

क्यों नाराज हैं पायलट?
सीएम अशोक गहलोत ने राज्य में सरकार गिराने की साजिशों का खुलासा करने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप ने पूछताछ के लिए सचिन पायलट को भी नोटिस जारी किया है। इसी बात से पायलट और उनके विधायक नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार ने सभी हदें पार कर दीं। सचिन पायलट अभी 24 विधायकों के साथ दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट में पायलट के साथ 15 विधायक होने की भी बात कही जा रही है। पायलट ने राज्य के किसी भी नेता का फोन नहीं उठाया।