शनिवार को शरद पवार पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान भी उन्होंने सहकारी बैंकों में जबरिया हस्तक्षेप वाले कानून पर चिंता जताते हुए चर्चा की थी। 

नई दिल्ली। एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने पीएम मोदी को बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट की प्रभावहीनता और विसंगतियों पर पत्र लिखा है। पवार ने पत्र में कहा है कि बैंकिग रेगुलेशन एक्ट को डिपॉजिटर्स के हित की रक्षा और कोआपरेटिव बैंक्स को सुदृढ़ बनाने के लिए किया गया था लेकिन 97वें संशोधन में कई विसंगतियां है जो विवादित हैं। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पीएम मोदी को लिखे गए पत्र में शरद पवार ने कहा कि कोआपरेटिव सोसाइटी बनाना संवैधानिक अधिकार है लेकिन बैंकिंग रेगुलेशन की वजह से टकराहट बढ़ने का अंदेशा है। सहकारी बैंकों के लिए किए गए 97वें संविधान संशोधन में ऐसी विसंगतियां हैं जिसके कारण सहकारी संगठन को काम करने में काफी दबाव महसूस हो रहा है। इस संशोधन से सहकारी चरित्र कायम रख पाना मुश्किल हो रहा है।

नए संशोधन से सहकारिता का मूल उद्देश्य गायब होता दिख रहा है और आरबीआई का दखल केवल बढ़ा है। जो अधिकार सहकारी समितियों को जवाबदेह बनाने के साथ जनता का विश्वास बढ़ाती थी, उसे खत्म कर दिया गया है। 

बता दें कि शनिवार को शरद पवार पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान भी उन्होंने सहकारी बैंकों में जबरिया हस्तक्षेप वाले कानून पर चिंता जताते हुए चर्चा की थी। 

यह भी पढ़ें:

पंजाबः सिद्धू होंगे प्रदेश अध्यक्ष, चार कार्यकारी अध्यक्षों का भी होगा ऐलान