कांग्रेस ने बार को दिए गए कारण बताओ नोटिस की एक कॉपी शेयर की है और आरोप लगाया कि नोटिस देने वाले आबकारी अधिकारी का कथित तौर पर अधिकारियों के दबाव के बाद तबादला किया जा रहा है। 

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) की 18 साल की बेटी के नाम पर गोवा में कथित अवैध बार (Illegal Bar in Goa) का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ईरानी ने कांग्रेस के तीन नेताओं व पार्टी के खिलाफ लीगल नोटिस भेजा है। स्मृति ईरानी ने विपक्षी दल कांग्रेस के पवन खेड़ा, जयराम रमेश और नेट्टा डिसूजा के खिलाफ यह आरोप लगाने के लिए कानूनी नोटिस भेजा कि उनकी 18 वर्षीय बेटी गोवा में अवैध बार चला रही है। केंद्रीय मंत्री ने बिना शर्त लिखित माफी और अपनी बेटी के खिलाफ लगे आरोपों को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस से वापस लेने की मांग की है।

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उधर, युवक कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने गोवा में रेस्तरां की बार पहचान छुपाने वाले टेप को हटाते हुए, पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ताओं को दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया है।

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क्या कहा स्मृति ईरानी ने?

स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस ने उनकी बेटी के चरित्र की हत्या की और सार्वजनिक रूप से विकृत किया है। उन्होंनो कांग्रेस पार्टी को किसी भी गलत काम का सबूत दिखाने की चुनौती दी। कहा कि कानून की अदालत और जनता की अदालत में जवाब मांगेंगी।

एक बयान में, स्मृति ईरानी की बेटी के वकील ने कहा है कि उनके मुवक्किल न तो मालिक हैं और न ही सिली सोल्स गोवा नामक रेस्तरां का संचालन कर रहे हैं और उन्हें किसी भी प्राधिकरण से कोई कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है जैसा कि आरोप लगाया गया है।

कांग्रेस ने नोटिस की कॉपी शेयर की

कांग्रेस ने बार को दिए गए कारण बताओ नोटिस की एक कॉपी शेयर की है और आरोप लगाया कि नोटिस देने वाले आबकारी अधिकारी का कथित तौर पर अधिकारियों के दबाव के बाद तबादला किया जा रहा है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने दावा किया है कि बार का लाइसेंस एक ऐसे शख्स के नाम पर लिया गया है, जिसे मरे एक साल से ज्यादा हो गया है।