दक्षिण-पश्चिम मानसून(Southwest Monsoon) और प्री मानसून की बारिश से कुछ राज्यों में टेम्पेचर कम हुआ है। लेकिन उत्तरभारत में इसके लेट होने से एक बार फिर टेम्परेचर में बढ़ोत्तरी हुई है। उत्तर पश्चिमी भारत और मध्य भारत के कुछ हिस्सों के तापमान में और वृद्धि हो सकती है। आइए जानते हैं कि कैसा रहने वाला है मौसम का हाल...

मौसम डेस्क. दक्षिण-पश्चिम मानसून(Southwest Monsoon) और प्री मानसून की वजह से कई राज्यों में बारिश का सिलसिला चल रहा है। हालांकि ज्यादातर राज्य बारिश को तरस रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग(India Meteorological Department) के अनुसार, पश्चिमी हिमालय की पहाड़ियों सहित उत्तर पश्चिमी भारत का मौसम शुष्क रहेगा। उत्तर पश्चिमी भारत और मध्य भारत के कुछ हिस्सों के तापमान में और वृद्धि हो सकती है। स्काईमेट वेदर(skymet weather) के अनुसार, चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पूर्वी झारखंड और इससे सटे ओडिशा के उत्तरी हिस्से पर एक्टिव है। एक अन्य चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र महाराष्ट्र तट से दूर पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर सक्रिय है। गुजरात तट से कर्नाटक तट तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है।

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इन राज्यों में बारिश या भारी बारिश का अलर्ट
अगले 24 घंटों के दौरान, तटीय कर्नाटक, कोंकण और गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप के कुछ हिस्सों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। बाकी पूर्वोत्तर भारत, गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक ओडिशा, केरल, लक्षद्वीप, झारखंड के कुछ हिस्सों, पूर्वी बिहार और दक्षिण गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। जबकि दक्षिण मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों पर हल्की बारिश के आसार हैं।

पिछले दिन इन राज्यों में हुई बारिश या भारी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह,तटीय कर्नाटक और अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, कोंकण और गोवा, गुजरात के कुछ हिस्सों, गंगीय पश्चिम बंगाल, असम, छत्तीसगढ़ और झारखंड में हल्की से मध्यम बारिश होती रही। बाकी पूर्वोत्तर भारत, बिहार के पूर्वी हिस्सों, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट, तेलंगाना और तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और उत्तरी पंजाब में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश होती रही।

झारखंड में रिकॉर्ड 44 फीसदी मानसून बारिश की कमी 
झारखंड में शुक्रवार को कुल मानसून बारिश की कमी 44 प्रतिशत रही, जिसमें सात जिलों में 60 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई। जब 18 जून को झारखंड में मानसून ने दस्तक दी, तो राज्य में कुल बारिश की कमी 50 प्रतिशत थी। अधिकारी ने कहा कि राज्य भर में अच्छी बारिश के साथ, 22 जून को कमी 39 प्रतिशत पर आ गई। इसके बाद, बारिश की तीव्रता कम हो गई और शुक्रवार को कमी बढ़कर 44 प्रतिशत हो गई। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अभिषेक आनंद के अनुसार, झारखंड में मानसून की प्रगति सामान्य है, न तो मजबूत और न ही कमजोर। हवा के पैटर्न में बदलाव और बंगाल की खाड़ी से नमी के प्रवेश के कारण 27 जून से बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। हालांकि कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश कमजोर है लेकिन खरीफ फसलों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने किसानों को बरसात की फसलों के लिए अपने खेतों को तैयार करने का सुझाव दिया। 

राजस्थान के कुछ हिस्सों में प्री-मानसून बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बीकानेर और जोधपुर संभाग में 26 जून तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि कोटा और उदयपुर संभाग में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 26-27 जून के दौरान उदयपुर और कोटा संभाग में भी बारिश की संभावना है। 

जम्मू-कश्मीर हाईवे फिर खुला
4 दिन से फंसे सैकड़ों वाहनों को शुक्रवार की रात कश्मीर की ओर जाने की अनुमति दी गई, क्योंकि जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर एक मार्ग को बहाल कर दिया गया है। रामबन और उधमपुर जिलों में 33 स्थानों पर भूस्खलन, पत्थर गिरने के कारण 270 किलोमीटर लंबा हाइवे मंगलवार से अवरुद्ध था। एसएसपी शब्बीर अहमद मलिक ने कहा कि भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में 150 फुट लंबा सड़क मार्ग और हाइवे पर एक निर्माणाधीन पुल भी बह गया था।

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