पश्चिम बंगाल के कालियाचक पीएस के मिलिक-सिल्टनपुर बीओपी में बीएसएफ जवानों ने 10 जून को अरेस्ट किए थे। बीएसएफ जवान सुबह छह बजे गश्त कर रहे थे। मिलिक सिल्टनपुर के अनफेंस्ड एरिया के पास एक व्यक्ति को बीएसएफ ने सीमा पार करते देखा। उसे तत्काल हिरासत में लेकर तलाशी ली। उसके पास मिले कागजातों से चीनी नागरिक होने की पुष्टि हुई।

माल्दा। भारत-बांग्लादेश सीमा से अवैध तरीके से भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे चीनी नागरिक हाॅन जुंवेई को एसटीएफ के हवाले कर दिया गया है। चीनी घुसपैठिया को कोर्ट ने एसटीएफ को दस दिनों का रिमांड दे दिया है। पश्चिम बंगाल की माल्दा पुलिस का रिमांड 18 जून को खत्म हो रहा था। अरेस्ट किया गया चीनी नागरिक कई चैकाने वाले खुलासा किया है। सबसे हैरान करने वाली बात उसका 1300 भारतीय सिम खरीदकर चीन भेजने वाला है। एसटीएफ चीनी घुसपैठिए को देर रात तक कोलकाता लेकर आएगी। 

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मिलिक-सिल्टनपुर में अरेस्ट किया गया था 

पश्चिम बंगाल के कालियाचक पीएस के मिलिक-सिल्टनपुर बीओपी में बीएसएफ जवानों ने 10 जून को अरेस्ट किए थे। बीएसएफ जवान सुबह छह बजे गश्त कर रहे थे। मिलिक सिल्टनपुर के अनफेंस्ड एरिया के पास एक व्यक्ति को बीएसएफ ने सीमा पार करते देखा। उसे तत्काल हिरासत में लेकर तलाशी ली। उसके पास मिले कागजातों से चीनी नागरिक होने की पुष्टि हुई। उसने अपना नाम हाॅन जुंवेई बताया। उसके पास बांग्लादेश का वीजा और चीनी पासपोर्ट मिला था। साथ ही एक लैपटाॅप, तीन मोबाइल, कुछ इलेक्ट्रानिक गैजेट्स भी मिले थे। चाइनीज नागरिक के पास बांग्लादेश, भारत की काफी अधिक करेंसी के अलावा यूएस डाॅलर भी मिला था।

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सुरक्षा एजेंसियों को जासूसी की आशंका

पूछताछ में चीनी घुसपैठिए ने बताया कि उसने 1300 भारतीय सिम चीन भेजे हैं। एजेंसियां यह पूछताछ करने में जुटी हैं कि नकली दस्तावेजों का प्रयोग कर इतनी संख्या में भारतीय सिम क्यों लेता था। बीएसएफ, साउथ बंगाल फ्रंटियर ने बताया कि पकड़ा गया हाॅन जुंवेई वांछित अपराधी है। हालांकि, जुंवेई के पास मिले गैजेट्स से यह साफ है कि वह चीन की किसी खुफिया एजेंसी के लिए काम करता है। बीएसएफ ने बताया कि गिरफ्तार चीनी के पास मिले गैजेट्स से कई अहम सबूत मिले हैं। वह भारत में किसी खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहा था। उसके खिलाफ मामला दर्ज होने के कारण चीन में भारतीय वीजा नहीं मिला। इसलिए उसने भारत आने के लिए बांग्लादेश और नेपाल से वीजा लिया। 

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