केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले साल नवम्बर से किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 40 से ज्यादा किसान संगठन, संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले दिल्ली की सीमाओं डटे हैं। दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर पर जारी धरना प्रदर्शन को साढ़े आठ महीने से भी अधिक बीत चुके हैं। 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट अब किसान आंदोलन की वजह से होने वाले सड़क जाम का समाधान केंद्र सरकार से निकालने को कहा है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध के कारण सड़कों की नाकेबंदी का समाधान खोजने का आदेश दिया है।

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नोएडा के एक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है याचिका

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में नोएडा के एक व्यक्ति ने याचिका दाखिल की है। अदालत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की थी कि नोएडा से दिल्ली के बीच सड़क को साफ रखा जाए।

दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं किसान

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले साल नवम्बर से किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 40 से ज्यादा किसान संगठन, संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले दिल्ली की सीमाओं डटे हैं। दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर पर जारी धरना प्रदर्शन को साढ़े आठ महीने से भी अधिक बीत चुके हैं। संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्र सरकार के बीच बातचीत कई महीनों से बंद है। किसानों के बयानों से स्पष्ट है कि किसान दिल्ली-एनसीआर के चारों बॉर्डर (शाहजहांपुर, टीकरी, सिंघु और गाजीपुर) से हटने वाले नहीं हैं।

जब तक नए कृषि कानून वापस नहीं, तब तक घर वापसी नहीं-राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने साफ किया है कि दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर पूर्व की तरह ही किसानों का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। जब तक सरकार नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, तब तक घर वापसी नहीं करेंगे। 

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