बीजेपी नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस नेता विनय कुलकर्णी को कर्नाटक हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। स्पेशल कोर्ट ने उन्हें 2016 के इस मर्डर केस में दोषी पाया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

नई दिल्ली [भारत], 31 जुलाई (एएनआई): कर्नाटक हाईकोर्ट ने धारवाड़ के बीजेपी नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस नेता विनय कुलकर्णी, चंद्रशेखर इंडी और अन्य को जमानत दे दी है। जस्टिस मोहम्मद नवाज और जी बसवराज की खंडपीठ ने सजा को निलंबित करने और जमानत देने की मांग वाली याचिकाओं को स्वीकार कर लिया।

कोर्ट ने विनय कुलकर्णी, चंद्रशेखर इंडी, एम दिनेश, एस अश्वथ, केएस सुनील, नजीर अहमद, शाहनवाज, के नूतन और सी हर्षित को जमानत दी है। इस मामले के सिलसिले में इन सभी को ड्यूटी से निलंबित कर दिया गया था। पीठ ने पुलिस अधिकारी चन्नकेशव तेंगरीकारा को दी गई सात साल की सजा के निलंबन की मांग वाली अंतरिम याचिका को भी मंजूरी दे दी। खंडपीठ ने गुरुवार को यह आदेश सुनाया।

स्पेशल कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा

17 अप्रैल को एक विशेष अदालत ने कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी को बीजेपी नेता योगेश गौड़ा की 2016 में हुई हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बेंगलुरु में जनप्रतिनिधियों की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी सहित 16 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। लंबी सुनवाई के बाद विशेष अदालत के न्यायाधीश संतोष गजानन भट्ट ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनीं। फिर उन्होंने सजा की मात्रा पर आदेश सुरक्षित रख लिया था। अब आदेश की घोषणा हो चुकी है।

क्या है 2016 का योगेश गौड़ा हत्याकांड?

योगेश गौड़ा की 2016 में धारवाड़ में उनके अपने जिम में हत्या कर दी गई थी। सीबीआई द्वारा इस मामले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद राजनीतिक हलकों में एक बड़ी बहस छिड़ गई थी। हालांकि, अदालत ने पूर्व मंत्री और विधायक विनय कुलकर्णी समेत अन्य के लिए उम्रकैद और मुआवजे का आदेश दिया।

हेब्बल्ली निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के जिला पंचायत सदस्य 26 वर्षीय गौड़ा की 15 जून, 2016 को धारवाड़ में हत्या कर दी गई थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 24 सितंबर, 2019 को जांच अपने हाथ में ली और 5 नवंबर, 2020 को कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया। कुलकर्णी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।

CBI ने बताई थी दुश्मनी की वजह

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कुलकर्णी की गौड़ा के साथ व्यक्तिगत दुश्मनी और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता थी, जिन्होंने 2016 में जिला पंचायत चुनावों से हटने के उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। (एएनआई)

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