BRICS Summit के गाला डिनर में शाकाहारी मेन्यू पर Rahul Gandhi ने कहा, “80% भारतीय मांसाहारी हैं” और मांसाहारी भोजन को जगह देने की बात उठाई। Bharat Mandapam के मेन्यू, New Delhi Declaration और विदेश मंत्रालय की नाश्ते से जुड़ी सफाई का विवरण पढ़ें।
BRICS Gala Dinner Menu: राजधानी में चल रहे BRICS Summit के बीच भारत मंडपम में आयोजित गाला डिनर का मेन्यू भी चर्चा में आ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से BRICS नेताओं और मेहमानों के सम्मान में आयोजित डिनर में भारतीय व्यंजनों की शाकाहारी विविधता दिखाई दी। इसी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि भारत की पाक विरासत दिखाते समय मांसाहारी व्यंजनों को जगह क्यों नहीं दी गई।
राहुल गांधी ने X पर लिखा, “रिकॉर्ड के लिए: 80% भारतीय मांसाहारी हैं। भारतीय मांसाहारी खाना लजीज होता है। जैसे मेरी बहन के छोले भटूरे।” उनकी यह टिप्पणी 13 सितंबर 2026 को BRICS डिनर के संदर्भ में सामने आई।
BRICS डिनर में सजे देशभर के शाकाहारी स्वाद
गाला डिनर का मेन्यू भारत के अलग-अलग हिस्सों की शाकाहारी पाक परंपराओं पर केंद्रित रहा। शुरुआत में खांडवी मिल-फ्यू को केसर आम, दही ड्रेसिंग और माइक्रो-ग्रीन्स के साथ परोसा गया। वहीं, खुंब गलौटी को शीरमल के साथ मेहमानों के लिए पेश किया गया।
मुख्य भोजन में पनीर लबाबदार, गुच्ची मर्मिक, गाजर-बीन्स पोरियल, तक्काली बेल्ले सारु, बाजरा पुलाव और चुकंदर का रायता शामिल था। इसके साथ अलग-अलग भारतीय रोटियां भी परोसी गईं।
जलेबी से शाहतूत फिरनी तक, मिठाइयों में दिखा देसी अंदाज
डिनर का मीठा भी भारतीय स्वाद और खास प्रस्तुति का मेल रहा। मेहमानों को ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम के साथ जलेबी और शाहतूत फिरनी परोसी गई। शाहतूत फिरनी को मुलबेरी और गोल्ड लीफ से सजाया गया था। यानी पूरे मेन्यू में पारंपरिक भारतीय स्वादों को आधुनिक अंदाज में पेश करने की कोशिश नजर आई।
खाने की मेज से उठी सियासी बहस, राहुल गांधी ने उठाया सवाल
डिनर के मेन्यू में मांसाहारी व्यंजनों का उल्लेख नहीं होने पर राहुल गांधी की टिप्पणी सामने आई। उन्होंने भारतीय खान-पान की विविधता का हवाला देते हुए मांसाहारी भोजन को भी देश की पाक पहचान का हिस्सा बताया। उनका बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने भारत की पाक संस्कृति को पेश करते समय देश के अलग-अलग खान-पान को किस तरह शामिल किया जाना चाहिए।
वायरल नाश्ते के वीडियो पर विदेश मंत्रालय ने दी सफाई
BRICS Summit के दौरान भारत मंडपम से शाकाहारी नाश्ते का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई गई भोजन की झलक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए आयोजित नाश्ते की थी। मंत्रालय के मुताबिक, यह भोजन BRICS Summit में शामिल शीर्ष नेताओं के लिए नहीं था। विश्व नेता अपने-अपने लग्जरी होटलों में भोजन कर रहे थे।
डिनर की चर्चा से अलग BRICS में हुए अहम फैसले
BRICS Summit में भोजन के मेन्यू के अलावा कई बड़े वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने New Delhi Declaration को अपनाया, जिसमें वैश्विक शासन, व्यापार और निवेश, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा-लचीलापन, तकनीक और महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं जैसे विषय शामिल रहे। 2026 में BRICS की अध्यक्षता भारत के पास है। भारत ने इस दौरान Global South की प्राथमिकताओं, मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं और स्वास्थ्य, कृषि, तकनीक तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग पर जोर दिया है।
भारतीय पाक विरासत को लेकर छिड़ी चर्चा
BRICS डिनर का मेन्यू भले ही शाकाहारी भारतीय व्यंजनों पर केंद्रित रहा, लेकिन राहुल गांधी की टिप्पणी ने देश की पाक विविधता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ डिनर में अलग-अलग राज्यों के शाकाहारी स्वादों को जगह मिली, वहीं दूसरी ओर मांसाहारी भारतीय व्यंजनों को लेकर सवाल उठाए गए। इस तरह BRICS Summit के कूटनीतिक और नीतिगत एजेंडे के बीच डिनर का मेन्यू भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गया।
