BRICS Summit 2026: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस घेब्रेयेसस ने ब्रिक्स नेताओं से हेल्थ सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगली इमरजेंसी आने से पहले हमें अपनी तैयारियों को मजबूत करना होगा। उन्होंने हेल्थकेयर में इनोवेशन और सस्टेनेबल फाइनेंसिंग पर भी जोर दिया।

BRICS Summit Health: नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग, नवाचार और भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि BRICS Summit के चार प्रमुख विषय—मजबूती, नवाचार, सहयोग और स्थिरता- सीधे तौर पर स्वास्थ्य से जुड़े हैं।

टेड्रोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति से इन चारों लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने BRICS देशों से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ नई तकनीक और आपसी सहयोग को जमीनी स्तर पर बढ़ाने की अपील की।

स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करना सबसे जरूरी

WHO प्रमुख के मुताबिक, स्वास्थ्य क्षेत्र में मजबूती लाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, बीमारी की निगरानी, शुरुआती चेतावनी प्रणाली और स्थानीय स्तर पर जरूरी स्वास्थ्य उत्पादों के उत्पादन को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था भविष्य में आने वाली आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता बढ़ाती है। इसके लिए BRICS देशों के बीच अनुभव और संसाधनों को साझा करना भी जरूरी है।

AI और डिजिटल हेल्थ में निवेश पर जोर

नवाचार के मुद्दे पर टेड्रोस ने विज्ञान, डिजिटल स्वास्थ्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीकों का बेहतर इस्तेमाल करने की बात कही। उनका जोर इस बात पर रहा कि नई तकनीक का फायदा केवल कुछ देशों या लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। उन्होंने BRICS देशों से ऐसी स्वास्थ्य तकनीक विकसित करने की अपील की, जो उन जरूरतों को भी पूरा करे, जिन्हें बाजार अक्सर नजरअंदाज कर देता है।

महामारी से निपटने के लिए सहयोग जरूरी

टेड्रोस ने स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए देशों और अलग-अलग क्षेत्रों के बीच बेहतर सहयोग को जरूरी बताया। उन्होंने WHO के पैंडेमिक एग्रीमेंट के तहत पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (PABS) एनेक्स को अंतिम रूप देने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, भविष्य की महामारी या किसी बड़ी स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए देशों को पहले से तैयारी और आपसी सहयोग का मजबूत ढांचा तैयार करना चाहिए।

BRICS नेताओं के सामने रखीं 4 बड़ी मांगें

WHO प्रमुख ने BRICS नेताओं से चार प्रमुख कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगली स्वास्थ्य आपात स्थिति आने से पहले तैयारी मजबूत की जानी चाहिए। साथ ही नवाचार को उन क्षेत्रों और समस्याओं की तरफ ले जाना चाहिए, जहां बाजार का ध्यान कम जाता है।

उन्होंने देशों से आपसी सहयोग को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखते हुए उसे जमीनी स्तर पर लागू करने और बनाए गए सिस्टम में राजनीतिक इच्छाशक्ति, बेहतर कार्यान्वयन और जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा।

नई दिल्ली घोषणापत्र में स्वास्थ्य सहयोग पर जोर

शनिवार को अपनाए गए नई दिल्ली घोषणापत्र में BRICS देशों ने वैश्विक स्वास्थ्य पहलों में सहयोग बढ़ाने का स्वागत किया। देशों ने सभी लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई और स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। घोषणापत्र में WHO की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। इसके अलावा PABS एनेक्स को लेकर बातचीत जारी रखने को प्रोत्साहित किया गया।

TB और संक्रामक बीमारियों पर मिलकर काम करने की तैयारी

चंडीगढ़ में हुई 16वीं BRICS स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के बाद सदस्य देशों ने टीबी को गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती माना। इसके लिए साझा प्रयासों की जरूरत पर सहमति जताई गई। बड़े पैमाने पर फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और समय रहते उनकी पहचान के लिए BRICS Integrated Early Warning System तैयार करने को लेकर एक सब-वर्किंग ग्रुप के गठन का भी स्वागत किया गया।

पारंपरिक चिकित्सा के लिए बनेगा विशेषज्ञ समूह

नई दिल्ली घोषणापत्र में पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा यानी TCIM के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी बढ़ावा दिया गया है। इसके तहत BRICS Health Track के अंतर्गत TCIM पर एक BRICS Expert Working Group बनाने के प्रस्ताव का स्वागत किया गया।

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि नई दिल्ली घोषणापत्र में पारंपरिक चिकित्सा को मान्यता मिलना महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विशेषज्ञ समूह BRICS देशों को ज्ञान साझा करने, अनुसंधान मजबूत करने और प्रमाण-आधारित तरीकों को आगे बढ़ाने के लिए एक मंच उपलब्ध कराएगा।

सुरक्षित और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं पर भारत का जोर

प्रतापराव जाधव ने कहा कि भारत आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैज्ञानिक अनुसंधान, गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका उद्देश्य सुरक्षित, प्रभावी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं में पारंपरिक चिकित्सा के योगदान को बढ़ाना है।

Scroll to load tweet…