चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को अपनी दोनों बेटियों को सुप्रीम कोर्ट घुमाया। बच्चियों ने सुप्रीम कोर्ट जाने और वहां किस तरह काम होता है यह देखने की मांग की थी।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सीनियर जजों और वकीलों के लिए शुक्रवार का दिन कुछ अलग अनुभव लेकर आया। उन्होंने देखा कि चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) अपनी दो बेटियों (16 साल की माही और 20 साल की प्रियंका) को साथ लेकर कोर्ट आए हैं। उन्होंने दोनों बच्चियों को पूरा सुप्रीम कोर्ट दिखाया। वह बेटियों को कोर्टरूम और अपने चेंबर में ले गए। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

चीफ जस्टिस ने इस दौरान अपनी बेटियों को बताया कि उनका काम क्या है और वह कहां बैठते हैं। चीफ जस्टिस सुबह 10 बजे कोर्ट पहुंचे थे। वह अपनी दोनों बेटियों को साथ लेकर सार्वजनिक दीर्घा से कोर्ट रूम में दाखिल हुए। इसके बाद दोनों को रूम नंबर 1 के सीजेआई कोर्ट में ले गए। उन्होंने दिखाया कि सुप्रीम कोर्ट में किस तरह काम होता है। जज कहां बैठते हैं और वकील कहां खड़े होकर अपनी दलीलें रखते हैं। 

बेटियों ने कहा था देखना है सुप्रीम कोर्ट
इसके बाद चंद्रचूड़ दोनों बच्चियों को अपना ऑफिस दिखाने के लिए अपने चेंबर में ले गए। सूत्रों के मुताबिक जस्टिस चंद्रचूड़ से उनकी बेटियों ने सुप्रीम कोर्ट देखने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उन्होंने बच्चियों को कोर्ट ले जाने का फैसला किया। बता दें कि जस्टिस चंद्रचूड़ ने 9 नवंबर को सीजेआई का पद संभाला था। वह दो साल तक इस पद पर रहेंगे।

यह भी पढ़ें- एयर इंडिया की फ्लाइट में महिला पर पेशाब करने वाले ने कहा- मामला सुलझने के बाद महिला को मिल गया था मुआवजा

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भारत के 50वें चीफ जस्टिस हैं। यह पहला मौका है जब पिता के बाद बेटा CJI बना है। जस्टिस चंद्रचूड़ के पिता यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ देश के 16वें CJI थे। उनका कार्यकाल 22 फरवरी, 1978 से 11 जुलाई, 1985 तक मतलब करीब 7 साल तक रहा था। 

यह भी पढ़ें- श्रद्धा वॉकर के 35 टुकड़े करने वाले आफताब पूनावाला पाई-पाई का मोहताज हुआ, ठंड से बचने तक के कपड़े नहीं...