आदिवासियों और मेइती समुदाय के बीच हुई हिंसा को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

इंफाल: मणिपुर (Manipur) में मेइती समुदाय (Meitei Community) को जनजाति के रूप में अनुसूचित जनजाति में शामिल करने मांग को लेकर हिंसा हो रही है। इस बीच यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जहां सोमवार को मामले की सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरशिमा और जेबी पर्दीवाला की सुप्रीम कोर्ट की बेंच सोमवार को मणिपुर की स्थिति पर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। गौरतलब है कि पीठ मामले में तीन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।

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इसमें मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के मुद्दे पर उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली भाजपा विधायक की याचिका भी शामिल है।इसके अलावा कोर्ट मणिपुर में हाल ही में हुई हिंसा की एसआईटी जांच के लिए जनहित याचिका पर भी सुनवाई करेगा।

संघर्षरत समूहों से बातचीत के लिए तैयार है सरकार

इस बीच केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर में संघर्षरत समूहों के साथ बातचीत करने और उनके मुद्दों को हल करने के लिए तैयार है। उन्होंने संघर्षरत समूहों से बातचीत के लिए आगे आने की अपील की है।जी किशन रेड्डी ने कहा कि कृपया मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने के लिए आगे आएं। सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है। सरकार उन लोगों के हितों का ख्याल रखेगी जिन्हें हिंसा के कारण नुकसान पहुंचा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर उन्हें कोई समस्या है, तो इसे हल करना राज्य और केंद्र सरकारों की जिम्मेदारी है। हम सभी को संयम बनाए रखना चाहिए। हमें मुद्दों को बातचीत से सुलझाना चाहिए, न कि हिंसा से। हिंसा से कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता है।

हिंसा में 50 से ज्यादा लोगों की मौत

बता दें कि मणिपुर में मेइती समुदाय और आदिवासियों के बीच पिछले हफ्ते हिंसक झड़पें हुईं। इनमें 50 से अधिक लोगों की जान चली गई। वहीं 23,000 लोगों को सैनिक ने सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया। हालात पर काबू में रखने के लिए सेना और असम राइफल्स के जवानों को हिंसा प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है।

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