फील्ड मार्शल मानेकशा के बाद तरुण विजय बने गोरखा संगठन के संरक्षक, कहा- सैनिकों का अपमान करने वालों को मिले सजा

| Nov 25 2022, 10:04 PM IST

फील्ड मार्शल मानेकशा के बाद तरुण विजय बने गोरखा संगठन के संरक्षक, कहा- सैनिकों का अपमान करने वालों को मिले सजा

सार

पूर्व सांसद तरुण विजय ने ऑल इंडिया गोरखा एक्स सोल्जर्स वेलफेयर एसोसिएशन के 74वें वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सैनिकों का अपमान करने वालों को सजा मिलनी चाहिए।
 

देहरादून। उत्तराखंड युद्ध स्मारक शौर्य स्थल के अध्यक्ष और पूर्व सांसद तरुण विजय फील्ड मार्शल मानेकशा के बाद गोरखा संगठन के संरक्षक बने हैं। उन्होंने शुक्रवार को भारत के सर्वोच्च गोरखा सैनिक निकाय ऑल इंडिया गोरखा एक्स सोल्जर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AIGEWA) के एजीएम का उद्घाटन किया। 

इस अवसर पर तरुण विजय ने युद्ध के मैदान में गोरखा जवानों की वीरता का बखान किया। उन्होंने कहा कि गोरखा जवान बहादुरी, साहस और देश प्रेम का दूसरा नाम हैं। तरुण विजय ने कहा कि सेना के जवान अपनी जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा करते हैं, दूसरी ओर देश में कुछ ऐसे लोग हैं जो सैनिकों का अपमान करते हैं। ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए।

Subscribe to get breaking news alerts

सैनिकों का अपमान रोकने के लिए बने कानून
तरुण विजय ने कहा कि भारत सरकार गोरखाओं को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दे इसके लिए वह प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी वह इस संबंध में पहल करने का आग्रह करेंगे। ऋचा चड्ढा द्वारा भारतीय सेना के लिए किए गए ट्वीट के संबंध में तरुण विजय ने कहा कि आजकल अनपढ़ और पाकिस्तानी मानसिकता वाले एक्टर सैनिकों का अपमान फैशन मानते हैं। ऐसे लोगों को दंडित करने के लिए कानून बनना चाहिए।

बता दें कि पहले गोरखा पूर्व सैनिक कल्याण संगठन के संरक्षक फील्ड मार्शल मानेकशा थे। अब तरुण विजय को इस संगठन का संरक्षक बनाया गया है। संगठन के 74वें वार्षिक सम्मेलन में 27 राज्यों से पूर्व गोरखा सैनिक भाग लेने आए हैं। 2023 में गोरखा सैनिक संगठन का 75 वां वार्षिक उत्सव अर्थात् हीरक जयंती मनायी जाएगी।

यह भी पढ़ें- आर्मी के लिए होगी 36 टेक्टिकल इंगेजमेंट सिम्युलेटर की खरीद, नए भर्ती होने वाले अग्निवीरों को मिलेगी ट्रेनिंग

तरुण विजय ने कहा कि एसोसिएशन के 75वें वार्षिक उत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाना चाहिए। सरकार द्वारा गोरखाओं को एसटी का दर्जा दिया जाना चाहिए। राष्ट्र के लिए उनका बलिदान अद्वितीय है। सभी लोगों को उनके योगदान को सलाम करना चाहिए। तरुण विजय ने गोरखा सुधार सभा को 47 लाख रुपए दिए और मांग किया कि राज्य सरकार द्वारा एक करोड़ रुपए का कोष बनाया जाए। उन्होंने हीरक जयंती द्वार बनाने तथा गढ़ी में परम वीर चक्र विजेता मेजर धन सिंह थापा की मूर्ति लगाने का भी आश्वासन दिया।

यह भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी, भारत ने किया इनवाइट