पाकिस्तान से 6 साल पहले हिंदुस्तान आए हिंदू परिवार के 3 सदस्यों को सीबीआई ने वापस पाकिस्तान भेजने का निर्णय लिया है। ऐसे में यह परिवार कह रहा कि मर जाएंगे लेकिन जीते जी पाकिस्तान वापस नहीं जाएंगे। 

जोधपुर. पाकिस्तान से 6 साल पहले हिंदुस्तान आए हिंदू परिवार के सामने उस समय संकट की स्थिति पैदा हो गई जब उनके परिवार के 3 सदस्यों को वापस पाकिस्तान भेजने की खबर आई। दरअसल, यह परिवार पाकिस्तान में हो रहे जुल्मों से मुक्ति पाने के लिए पाकिस्तान से भागकर भारत आ गया था। हिंदुस्तान आने के बाद उन्हें लगा था कि उनकी सारी तकलीफ खत्म हो जाएगी। लेकिन 6 साल बाद उनके जीवन में तब भारी तबाही आ गई जब सीबीआई ने इस 19 लोगों के परिवार के तीन सदस्यों को वापस पाकिस्तान भेजने की बात कही है। यह परिवार जिला कलेक्टर और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उनकी समस्या सुलझती हुई नजर नहीं आ रही है। 

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दर-दर की ठोकरें खा रहा परिवार 

परिजनों का कहना है जोधपुर बहुत महंगा शहर है और खेती-बाड़ी के काम से वे अपने पुराने गांव जहां से आजादी के बाद में पाकिस्तान गए थे वहां खेती करने चले गए। जिसके बाद सीबीआई ने इन 3 लोगों को पाकिस्तान भेजने करने का निर्णय लिया है। जिसके बाद से परिवार के सदस्य आंखों में आंसू लिए दर-दर की ठोकरें खाने को विवश हैं। परिवार की सदस्य परमेश्वरी के लिए तो यह आदेश मानो उस पर पहाड़ टूट पड़ा। उसके पति को पाकिस्तान भेजने के आदेश हो गए है। ऐसे में उसके सामने समस्या यह है कि वह अपने चार बच्चों को लेकर भारत में किसके सहारे रहेगी। परमेश्वरी का आरोप है कि जब सीबीआई ऑफिस में इस बात की उसने गुहार की तो उन्होंने कहा कि जाकर भले ही आत्महत्या कर लो लेकिन उनको तो यहां से पाकिस्तान भेज दिया जाएगा।

काजल को भी भेजा जा रहा पाकिस्तान

वहीं, परिवार की सदस्य काजल की अपनी अलग समस्या है। बताया जा रहा कि काजल कि आने वाले कुछ दिनों में शादी है लेकिन सीबीआई ने काजल को कल पाकिस्तान की गाड़ी में बैठाने की बात कही है। काजल का मानना है कि वह पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं है। ऐसे में उसने यह स्पष्ट कर दिया है कि जीते जी तो वह पाकिस्तान नहीं जाएगी अगर जाएगी तो उसकी लाश जाएगी। बहरहाल, इस परिवार का कहना है कि यदि उसके परिजनों ने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया है तो उसके लिए उन्हें जेल भेज दिया जाए या कानून सम्मत सजा दी जाए। लेकिन उन्हें किसी भी सूरत में पाकिस्तान नहीं भेजा जाए। पाकिस्तान जाने से अच्छा वह मौत को गले लगाना ज्यादा पसंद करेंगे।