मोदी ने कहा कि मुझे यह रात हमेशा याद रहेगी। आज से तीन साल पहले मैं पूरी रात जागता रहा। मेरी नजर मोबाइल पर टिकी हुई थी।


नई दिल्ली. इतिहास में 29 सितंबर का दिन भारत द्वारा पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर उसके आतंकी शिविरों को नेस्तनाबूद करने के साहसिक कदम के गवाह के तौर पर दर्ज है। भारत ने जहां इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने का दावा किया, पाकिस्तान ने ऐसी किसी कार्रवाई से इंकार किया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

उरी हमले का लिया था बदला 

जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर आतंकी हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे। इसे भारतीय सेना पर सबसे बड़े हमलों में से एक माना गया। 18 सितम्बर 2016 को हुए उरी हमले में सीमा पार बैठे आतंकियों का हाथ बताया गया। भारत ने इस हमले का बदला लेने के लिए 29 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया।

पाकिस्तान के अंदर घुसकर मारे थे आतंकी 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत लौटकर 20 हजार भाजपा कार्यकर्ताओं के सामने सर्जिकल स्ट्राइक की उस रात को याद किया। मोदी ने कहा "मुझे यह रात हमेशा याद रहेगी। आज से तीन साल पहले मैं पूरी रात जागता रहा। मेरी नजर मोबाइल पर टिकी हुई थी।" इसी दिन भारत ने सफलतापूर्वक पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया था।

(यह खबर न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की है। एशियानेट हिंदी की टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)