हिमाचल में पिछले 48 घंटों में भारी बारिश के कारण हुई घटनाओं के कारण 21 लोगों की मौत हो गई है। कई घर भारी वर्षा की वजह से बह गए हैं। शिमला में एक मंदिर भी बारिश की वजह ढह गया है।

Heavy Rain in Himalayan region: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हाल ही में हुई भारी बारिश को पश्चिमी विक्षोभ की एक नई घटना की वजह से बताया गया है। मौसम विशेषज्ञों की रिपोर्ट्स के अनुसार, मानसून ट्रफ का एक स्थान हिमालय की तलहटी में स्थित है। इसलिए दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर की मानसूनी हवाएं हिमालय की तलहटी से टकरा रही हैं।

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क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ?

दरअसल, भूमध्य सागर में उत्पन्न होने वाले तूफानों के लिए के लिए पश्चिमी विक्षोभ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। पश्चिमी विक्षोभ, भारतीय उपमहाद्वीप के पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा लाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मौसम विशेषज्ञों ने मानसून के पहले प्रभाव को देखते हुए हिमाचल के कई हिस्सों की संवेदनशीलता पर ध्यान दिया है जिससे वे मध्यम वर्षा के साथ भी भूस्खलन के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं।

हिमाचल में पिछले 48 घंटों में भारी बारिश

हिमाचल में पिछले 48 घंटों में भारी बारिश के कारण हुई घटनाओं के कारण 21 लोगों की मौत हो गई है। कई घर भारी वर्षा की वजह से बह गए हैं। शिमला में एक मंदिर भी बारिश की वजह ढह गया है। मंदिर ढहने से नौ लोगों की मौत हो गई जबकि लगभग 25 लोग फंसे हुए। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन भी हुआ है, जिससे सड़क संपर्क बाधित हो गया है।

सीएम सुखविंदर सुक्खू ने लोगों से घर से नहीं निकलने की अपील

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक और बारिश की आशंका जताई है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोगों से घर के अंदर रहने का आग्रह किया है। राज्य प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बावजूद जल्द से जल्द कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए काम कर रहा है।

उत्तराखंड में भी बारिश से तबाही

उत्तराखंड में भी भारी बारिश से कई संपत्तियों को बहुत नुकसान पहुंचा है। एक वीडियो में बाढ़ का पानी एक बहुमंजिला कॉलेज की इमारत को बहा ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। आपदा की भयावहता को दर्शाता है। रुद्रप्रयाग, श्रीनगर और देवप्रयाग में अलकनंदा, मंदाकिनी और गंगा नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बढ़ गई हैं। अत्यधिक बारिश की वजह से आई बाढ़ ने चिंताएं बढ़ा दी है। भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ नेशनल हाइवे भी कई स्थानों पर बाधित हो गया है।

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