उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों को नदी तटों से दूर और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) [भारत], 6 अगस्त (एएनआई): उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके चलते जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

रुद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने एक घोषणा में लोगों से नदी तटों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया है। जिला प्रशासन ने निवासियों से सतर्क रहने और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी सलाह का सख्ती से पालन करने की भी अपील की है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (डीडीएमओ) नंदन सिंह राजवार ने कहा, "मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चमोली और केदारनाथ जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है, जिससे मंदाकिनी नदी सहित रुद्रप्रयाग की नदियां प्रभावित हुई हैं। मंदाकिनी नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे मापा गया है, लेकिन अगर यह अत्यधिक बढ़ता है और चेतावनी स्तर को पार करता है, तो स्थानीय नगरपालिका प्राधिकरण, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमें सक्रिय रूप से जनता को सचेत करती हैं और नदी तटों से बचने के लिए अल्टीमेटम जारी करती हैं। नदी तटों की लगातार निगरानी भी की जा रही है।"

उत्तराखंड में, राज्य भर में रुक-रुक कर बारिश जारी है; आईएमडी ने गुरुवार को देहरादून, चमोली और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट और हरिद्वार, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।

सीएम धामी ने की स्थिति की समीक्षा, दिए निर्देश

इस बीच, उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और आने वाले दिनों के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी मौसम की चेतावनियों को देखते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सुबह सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, विनोद कुमार सुमन से फोन पर बात कर राज्य के विभिन्न जिलों की स्थिति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने सभी आपदा प्रबंधन और राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन सेवाओं, स्वास्थ्य विभाग और अन्य सभी संबंधित विभागों को निकट समन्वय में काम करने और जब भी आवश्यक हो, बिना किसी देरी के राहत और बचाव अभियान शुरू करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

उन्होंने आगे निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए, नदी और नालों के जल स्तर पर कड़ी नजर रखी जाए, और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जहां भी आवश्यक हो, तत्काल निकासी के उपाय किए जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को चौबीसों घंटे क्रियाशील रखने और हर घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी तरह की जनहानि को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अत्यंत सतर्कता, कुशलता और संवेदनशीलता के साथ करने का निर्देश दिया।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, विनोद कुमार सुमन ने बताया कि आईएमडी ने अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। पूर्वानुमान को देखते हुए, सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है, और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र पूरे उत्तराखंड में स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। सचिव ने राज्य में आने वाले निवासियों और पर्यटकों से मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लेने और सतर्क, सचेत और सावधान रहने की अपील की। उन्होंने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी। यात्रियों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले नवीनतम मौसम पूर्वानुमान और सड़क की स्थिति की जांच कर लें। (एएनआई)

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