संलयन टेक्नोलॉजीज ने वर्साबाइट डेटा सिस्टम्स में इन्वेस्टमेंट कर डिफेंस पावर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में साझेदारी की है। इसका लक्ष्य भारत की रक्षा तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाना और एडवांस्ड पावर सॉल्यूशंस डेवलप करना है। 

बेंगलुरू। वर्टिकली इंटीग्रेटेड डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी संलयन टेक्नोलॉजीज (Sanlayan) ने डिफेंस पावर इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में अग्रणी वर्साबाइट डेटा सिस्टम्स (Versabyte) में स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट का ऐलान किया। यह सहयोग डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर भारत की यात्रा को गति देने में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

1987 में पीएस रेड्डी द्वारा स्थापित, वर्साबाइट को पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए ओईएम स्टेटस मिला है और यह HAL, BEL, BDL, DRDO, आर्म्ड फोर्सेस और प्रमुख प्राइवेट डिफेंस ओईएम जैसे प्रमुख ग्राहकों को सर्विस प्रोवाइड करती है। वर्साबाइट का थल, वायु, नौसेना, रडार और मिसाइल प्रणालियों में अत्याधुनिक समाधान प्रदान करने का एक सफल ट्रैक रिकॉर्ड है।

पावर सिस्टम मॉर्डन डिफेंस इक्विपमेंट की धड़कन

संलयन के को-फाउंडर और सीबीओ राहुल वामशीधर ने कहा, "पावर सिस्टम मॉर्डन डिफेंस इक्विपमेंट की धड़कन है। इसके बिना सबसे एडवांस तकनीक भी इन-एक्टिव हार्डवेयर से ज्यादा कुछ नहीं है। फिर भी, इस बाजार का अधिकांश हिस्सा इम्पोर्ट पर डिपेंड है।" गुणवत्ता और विश्वसनीयता का पर्याय, वर्साबाइट भारत के इम्पोर्ट सबस्टिट्यूशन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह साझेदारी व्यापार से कहीं आगे बढ़कर, भारत की डिफेंस कैपेबिलिटीज को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है।

इस साझेदारी से डिफेंस कैपेबिलिटीज को बढ़ाने में मिलेगी मदद

इस साझेदारी से संलयन को वर्साबाइट के हाई रिलायबिलिटी पावर सॉल्यूशंस के साथ अपनी डिफेंस कैपेबिलिटीज को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे पहले, संलयन ने 25 साल पुरानी एम्बेडेड सिस्टम कंपनी डेक्सेल इलेक्ट्रॉनिक्स का अधिग्रहण किया था और साथ ही, रडार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीकों पर डेडिकेटेड 70-सदस्यीय इन-हाउस रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम का निर्माण भी किया था। इन कदमों से समूह डिफेंस वैल्यू चेन में संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स सॉल्यूशन प्रोवाइड करने में सक्षम होगा।

नेक्स्ट जेनरेशन वाले पावर सॉल्यूशन लॉन्च करेंगे 

वर्साबाइट के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर पीएस रेड्डी ने कहा, "वर्साबाइट की विरासत दशकों तक भारत की डिफेंस बैकबोन को मजबूती से सक्षम बनाने में निहित है। संलयन के साथ पार्टनरशिप हमें अगले 5 सालों के लिए एक स्पष्ट और महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रदान करती है। हम रडार, ऑटोनॉमस अनमैन्ड सिस्टम्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, सिक्योर्ड कम्युनिकेशंस और स्पेस प्लेटफॉर्म्स के लिए अगली पीढ़ी के उच्च-विश्वसनीयता वाले पावर सॉल्यूशन लॉन्च करेंगे।" उन्होंने आगे कहा, “1W से 200kW तक की मॉड्यूलर पावर सप्लाई में विशेषज्ञता के साथ, अब हम लंबी दूरी के रडार, डायरेक्टेड एनर्जी वेपंस (DEW) और डिफेंस स्पेस एप्लिकेशंस जैसे कई उभरते क्षेत्रों के लिए 500kW तक विस्तार करने पर फोकस कर रहे हैं।”