प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के बांग्लादेश दौरे पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने बांग्लादेश के नेशनल डे के कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कुछ ऐसा कहा, जिसके बाद उनके आलोचक दावे को झूठ मानकर उन्हें ट्रोल करने लगे। लेकिन शायद उन्हें उस सत्याग्रह के बारे में जानकारी ही नहीं थी, जिसका पीएम मोदी जिक्र कर रहे थे। आईए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला ?

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के बांग्लादेश दौरे पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने बांग्लादेश के नेशनल डे के कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कुछ ऐसा कहा, जिसके बाद उनके आलोचक दावे को झूठ मानकर उन्हें ट्रोल करने लगे। लेकिन शायद उन्हें उस सत्याग्रह के बारे में जानकारी ही नहीं थी, जिसका पीएम मोदी जिक्र कर रहे थे। आईए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला ?

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क्या कहा पीएम मोदी ने?
दरअसल, पीएम मोदी ने बांग्लादेश की आजादी का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी उम्र 20-22 साल रही होगी जब मैंने और मेरे कई साथियों ने बांग्लादेश के लोगों की आजादी के लिए सत्याग्रह किया था। बांग्लादेश की आजादी के लिए संघर्ष में शामिल होना, मेरे जीवन के भी पहले आंदोलनों में से एक था। आजादी के समर्थन में मैंने गिरफ्तारी दी थी और जेल भी जाने का अवसर आया था। 

वहीं, पीएम मोदी के इस दावे के बाद उनके आलोचक उन्हें ट्रोल करने की कोशिश में जुट गए। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि पीएम मोदी जिस सत्याग्रह के बारे में बात कर रहे हैं, पीएम के समर्थक उसकी पूरी जानकारी सोशल मीडिया पर रखकर दूध का दूध और पानी का पानी कर देंगे। 

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12 दिन चला था सत्याग्रह, 10 हजार कार्यकर्ता हुए थे गिरफ्तार
जनसंघ ने अगस्त 1971 में बांग्लादेश सत्याग्रह शुरू किया था। यह 12 दिन तक चला था। इस दौरान जन संघ के हजारों कार्यकर्ता गिरफ्तार भी हुए थे। सत्याग्रह के आखिरी दिन 1200 महिलाओं और बच्चों समेत करीब 10 हजार कार्यकर्ता जेल गेए थे। यहां तक की जनसंघ के अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी ने सत्याग्रह को संबोधित भी किया था।