Suvendu Adhikari: कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड आज एक भगवा सागर में तब्दील हो गया, जहां सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर 15 साल के TMC शासन का अंत कर दिया। लेकिन इस भव्य समारोह और 'झाल मुड़ी' के स्वाद के बीच, पांच मंत्रियों की नई टीम के साथ बंगाल की राजनीति किस रहस्यमयी मोड़ की ओर बढ़ रही है?

Suvendu Adhikari West Bengal Chief Minister: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐसा अध्याय जुड़ा है जिसकी गूंज दशकों तक सुनाई देगी। कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड आज उस समय एक 'भगवा सागर' में तब्दील हो गया जब भाजपा के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर भाजपा ने न केवल सत्ता हासिल की है, बल्कि ममता बनर्जी के 15 साल पुराने किले को भी ढहा दिया है।

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एक भव्य मंच और ऐतिहासिक गवाह

कोलकाता के परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह की भव्यता देखते ही बनती थी। राज्यपाल RN रवि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की गरिमामयी उपस्थिति में अधिकारी को शपथ दिलाई। मंच के पीछे बंगाल की सांस्कृतिक विरासत-दक्षिणेश्वर मंदिर और मां दुर्गा की कलाकृतियां-राज्य की नई पहचान और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के संगम को दर्शा रही थीं।

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'झाल मुड़ी' के स्वाद के साथ सत्ता परिवर्तन का जश्न

समारोह में शामिल होने के लिए केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि झारखंड और कनाडा जैसे सुदूर देशों से भी समर्थक पहुँचे। जय श्री राम के उद्घोष और पारंपरिक छऊ नृत्य की थाप ने माहौल को उत्सव जैसा बना दिया। दिलचस्प बात यह रही कि कार्यक्रम स्थल पर समर्थकों के बीच 'झाल मुड़ी' बांटी गई। यह वही लोकप्रिय बंगाली नाश्ता है जिसे चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने झाड़ग्राम में चखा था, जो अब बंगाल की नई सरकार के जमीनी जुड़ाव का प्रतीक बन गया है।

'सुवेंदु कैबिनेट' के पांच सारथी: कौन हैं वो चेहरे?

शपथ ग्रहण समारोह का सबसे सस्पेंस भरा हिस्सा मंत्रिमंडल का गठन रहा। सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पहली टीम में पांच कद्दावर नेताओं को जगह दी है:

  1. दिलीप घोष: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और आरएसएस के पुराने प्रचारक, जिन्होंने बंगाल में भाजपा की नींव मजबूत की।
  2. अग्निमित्रा पॉल: फैशन डिजाइनर से राजनेता बनीं अग्निमित्रा इस कैबिनेट की एकमात्र महिला चेहरा हैं।
  3. निशीथ प्रमाणिक: उत्तर बंगाल के प्रभावशाली युवा नेता।
  4. खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया: जमीनी स्तर पर पार्टी को जीत दिलाने वाले रणनीतिकार।

'सोनार बांग्ला' के संकल्प की ओर पहला कदम

शपथ लेने के तुरंत बाद सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया। भाजपा समर्थकों का मानना है कि यह केवल सत्ता का हस्तांतरण नहीं, बल्कि टीएमसी के 'चंगुल' से बंगाल की आजादी है। सुवेंदु के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती राज्य की कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और 'सोनार बांग्ला' के विकास मॉडल को धरातल पर उतारने की होगी।

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क्या यह बंगाल की स्थायी राजनीति का बदलाव है?

2016 में महज 3 सीटों से शुरू हुआ भाजपा का सफर 2026 में 207 सीटों तक पहुंचना भारतीय चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर जनता का यह भरोसा क्या बंगाल को औद्योगिक और आर्थिक रूप से पुनर्जीवित कर पाएगा? इसका जवाब आने वाले समय के गर्भ में छिपा है, लेकिन आज की सुबह बंगाल के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।