ट्रेन में 7 साल की बच्ची के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना का पता कैसे चला? वायरल वीडियो में बच्ची की मां की क्या प्रतिक्रिया दिखाई गई? इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की राय किन दो हिस्सों में बंटी हुई नजर आई?
महिला सुरक्षा के वादे हर चुनाव में किए जाते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। अक्सर ऐसे मामलों में पीड़ित को ही शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। लेकिन इस बार चलती ट्रेन में हुई एक घटना ने एक नई बहस छेड़ दी है। यहां एक 7 साल की बच्ची से छेड़छाड़ की कोशिश करने वाले आरोपी को यात्रियों ने पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी। इसका वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया। अब लोग इस पर बंटे हुए हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि अपराधी को ऐसी ही सज़ा मिलनी चाहिए, जबकि कुछ का मानना है कि कानून हाथ में लेना गलत है।

'माँ ने चप्पल से की पिटाई'
ये वीडियो 'बाबा बनारस' नाम के एक एक्स हैंडल से शेयर किया गया है। पोस्ट में बताया गया है कि ट्रेन में 7 साल की बच्ची से छेड़छाड़ करने वाले मोहम्मद को यात्रियों ने सबक सिखाया। घटना तब सामने आई जब बच्ची अचानक रोने लगी। जब माँ ने उसे गले लगाकर पूछा, तो बच्ची ने बताया कि पास बैठे आदमी ने उसके प्राइवेट पार्ट्स में दर्द किया। इसके बाद तो हंगामा मच गया। दूसरे यात्रियों ने आरोपी को भागने नहीं दिया और उसे लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। वीडियो में दिखता है कि कुछ लोग उसे पकड़े हुए हैं और एक शख्स उसकी छाती पर पैर रख रहा है। इसी बीच, बच्ची की माँ भी अपनी चप्पल निकालकर आरोपी के मुँह पर मारती है।
'इसे मौत की सज़ा मिलनी चाहिए'
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन आने लगे। एक यूज़र ने लिखा कि आरोपी को मौत की सज़ा मिलनी चाहिए। कई लोगों ने कहा कि ऐसे अपराध करने वालों के मन में डर पैदा करने के लिए कड़ी सज़ा ज़रूरी है। कुछ ने उस बच्ची के मानसिक सदमे पर चिंता जताई। एक यूज़र ने लिखा, 'चाहे वो मोहम्मद हो, मनोहर हो या मैक्सवेल, ऐसे अपराधियों को दशकों तक जेल में सड़ाना चाहिए।' वहीं, कुछ लोगों ने ये भी कहा कि सज़ा देने का अधिकार आम जनता को नहीं है। इसके लिए पुलिस और अदालत हैं और कानून का पालन करना सबकी ज़िम्मेदारी है। रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बावजूद इंडियन रेलवे की तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं आया है।
