Prashant Kishor Victory : बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट का रिजल्ट आ चुका है। चुनावी रणनीतिकार पीके अब बांकीपुर सीट से जन सुराज पार्टी के विधायक बन गए हैं। उन्होंने भारी मतों से उपचुनाव जीत लिया है।
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर वोटिंग से लेकर आज रिजल्ट तक पूरे देश की नजरें थीं। क्योंकि यहां बड़ा उलटफेर होने के कायस लगाए जा रहे थे। हो भी वैसा ही गया। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के गढ़ में पहली बार जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर जीतकर विधायक बन गए हैं।
18953 वोटों से जीते प्रशांत किशोर
बता दें कि प्रशांत किशोर बिहार के बांकीपुर सीट 18953 वोटों से जीत गए हैं। उन्हें टोटल 63203 वोट मिले, जबकि बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार को 44250 वोट मिले। वहीं आरजेडी की रेखा गुप्ता तीसरे नंबर पर रहीं। बांकीपुर बीजेपी का गढ़ रहा है। बांकीपुर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक सीट है। वह यहां से पांच बार विधायक रहे हैं। इससे पहले उनके पिता इस सीट से चुनाव जीतते थे। लेकिन अब यहां के विधायक प्रशांत किशोर बन गए हैं।
1. जन सुराज यात्रा
जानकारों का कहना है कि प्रशांत किशोर का जीतने का प्रमुख्य और पहली वजह है कि उन्होंने पिछले कुछ दिनों में पूरे बिहार में जन सुराज यात्रा निकालकर लोगों दिल जीता और संगठन बनाया। जिसका फायदा चुनाव में दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं का मजबूत नेटवर्क वोटों में बदलता नजर आया।
2. युवा वोटर तक पहुंचाई दिल की बात
प्रशांत किशोर काफी पढ़े लिखे हैं, वह युवाओं के मुद्दे को अच्छी तरह से जानते हैं। इसलिए उन्होंने वही वादे किए जो बिहार के युवा सरकार के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। रोजगार, शिक्षा और बेहतर शासन के मुद्दों पर प्रशांत किशोर ने युवाओं को साधने की कोशिश की। जिसका फायदा जीत में बदल गया।
3. बेहतर रणनीति से उठाए सरकार के खिलाफ वाले मुद्दे
बता दें कि प्रशात किशोर को बेहतरीन चुनावी रणनीतिकार बताया जाता है। इसका फायदा उन्होंने अपनी सीट पर भी हुआ। उन्होंने शहर से लेकर गांव तक सरकार के खिलाफ वो मुद्दे उठाए जिनको लेकर जनता में आक्रोश था। साथ ही सही रणनीति से वोटरों को साधा और चुनाव जीत लिया।
4. सरकार बुरा और खुद को सुशासन का चेहरा
चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने खुद को विकास और सुशासन की राजनीति का चेहरा बताया। वहीं बिहार की वर्तमान सरकार से लेकर लालू यादव की पार्टी तक को उन्होंने पारंपरिक राजनीति और भ्रष्टाचार, विरोधी वाले दल बताकर लोगों को अपनी तरफ मोड़ लिया।
5. स्थानीय मुद्दों पर ज्यादा फोकस
बता दें कि प्रशांत किशोर ने सबसे ज्यादा बांकीपुर विधानसभा ताजा हाल बताया, साथ ही लोगों से सवाल किया आपके शहर में ऐसा क्या हुआ है जो आप सरकार के प्रत्याशी को वोट देंगे। इसके साथ ही उन्होंने जातीय समीकरणों के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, ट्रैफिक और शहरी विकास जैसे स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
पीके कई राज्यों में CM और मोदी के लिए रणनीति बना चुके हैं
बता दें कि जब साल 2024 में अपनी पार्टी जनसुराज लॉन्च करने से पहले प्रशांत किशोर चुनावी रणनीतिकार थे। वह बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए चुनावी रणनीतिकार के तौर पर काम कर चुके हैं। इसके अलावा ममता बनर्जी से लेकर विजय थलापति और केजरीवाल चुनाव में जीत के लिए रणनीतिकार थे। पीके भारत में अपनी प्लानिंग से कई राज्यो में सरकार बना चुके हैं। वह पहली बार तब चर्चा में आए जब 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के लिए चुनावी रणनीति तैयार की और नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा पूर्ण बहुमत पाने में सफल रहे। अब पहली बार वह चुनाव लड़े और विधायक बन गए।


