तीस्ता सीतलवाड़ को लेकर विशेष जांच दल ने जो खुलासे किए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। यूपीए शासद के दौरान पद्मश्री से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता के बारे में जो खुलासे हुए हैं, वे महत्वपूर्ण हैं। 

नई दिल्ली. गुजरात दंगों की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने सोशल वर्कर तीस्ता सीतलवाड़ की जन्म कुंडली खोलकर रख दी है। गुजरात दंगों में बाद तीस्ता की भू्मिका को लेकर एसआईटी ने गवाहों के माध्यम से जो दावे किए हैं। वे तीस्ता को कटघरे में खड़ा करने के लिए काफी हैं। दावे में यह भी कहा गया है कि तीस्ता सीतलवाड़ ने दंगों के बाद गुजरात की छवि बिगाड़ने के लिए साजिश की। वे राजनैतिक दलों के साथ मिलकर सरकार गिराने में भी शामिल रहीं। हालांकि 2007 में तीस्ता को पद्मश्री से नवाजा गया था। आखिर कौन हैं तीस्ता सीतलवाड़ और क्या हैं इन पर आरोप...

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कौन हैं तीस्ता सीतलवाड़
तीस्ता सीतलवाड़ का जन्म 1962 में महाराष्ट्र में हुआ था। वे मुंबई में पली बढ़ी हैं और मुंबई यूनिवर्सिटी से ही ग्रेजुएशन भी किया है। उनके पिता अतुल सीतलवाड़ वकील थे और उनके दादा एमसी सीतलवाड़ देश के पहले अटॉर्नी जनरल थे। तीस्ता सीतलवाड़ ने अपनी कानून की पढ़ाई बीच में छोड़कर पत्रकारिता की ओर कदम बढ़ाए। इसके बाद बतौर रिपोर्टर उन्होंने कई अखबारों में काम भी किया। पत्रकार जावेद आनंद से तीस्ता ने शादी की थी। वे सिटिजंस फार जस्टिस एंड पीस नाम से एक एनजीओ भी चलाती हैं। उन्हें 2002 में राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार मिला और 2007 में पद्मश्री से सम्मानित हुईं।

तीस्ता के एनजीओ को लेकर उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगा मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य लोगों को क्लीन चिट देने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। इससे साफ जाहिर है कि सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें क्लीन चिट मिल गई है। दरअसल, तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ ने ही जाकिया जाफरी की कानूनी लड़ाई में मदद की। लंब समय तक चली कानूनी मुहिम के बाद तीस्ता का एनजीओ सुर्खियों में आ गया था। तीस्ता सीतलवाड़ के विदेशी कनेक्शन के बारे में उनके ही पूर्व सहयोगी रईस खान पठान ने अदालत में हलफनामा दिया था।

तीस्ता के पीछे कौन सी ताकत
सुप्रीम कोर्ट की आलोचनात्मक टिप्पणियों का हवाला देते हुए बीजेपी ने तीस्ता सीतलवाड़ पर निशाना साधा है। बीजेपी ने स्पष्ट कहा कि 2002 के दंगों को लेकर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सीतलवाड़ को लगाने के पीछे कांग्रेस नेता सोनिया गांधी हैं, जिन्होंने मोदी के खिलाफ अभियान चलाने के लिए तीस्ता का इस्तेमाल किया। केंद्रीय गृह मंत्री ने भी हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि कुछ लोग दो दशक से बीजेपी सरकार के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उनका भी इशारा तीस्ता सीतलवाड़ की तरफ ही था।

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