उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने नागरिकता कानून के विरोध में पिछले हफ्ते हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद कार्रवाई तेज कर दी है। जिन जिलों में हिंसा हुई थी, उन जगहों पर उपद्रवियों की पहचान कर उनसे सरकारी नुकसान की भरपाई की जा रही है।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने नागरिकता कानून के विरोध में पिछले हफ्ते हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद कार्रवाई तेज कर दी है। जिन जिलों में हिंसा हुई थी, उन जगहों पर उपद्रवियों की पहचान कर उनसे सरकारी नुकसान की भरपाई की जा रही है। हालांकि, कुछ लोग यूपी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्रवाई को सही ठहराया है।

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योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शुक्रवार को एक के बाद एक कर कई ट्वीट किए गए। इसमें लिखा गया, दंगाईयों के खिलाफ यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार का रौद्र रूप को देख हर उन्मादी यही सोच रहा है कि उन्होंने योगी जी की सत्ता को चुनौती देकर बहुत बड़ी गलती कर दी है। दंगाइयों के खिलाफ सरकार जिस तरह की कार्रवाई कर रही है वो पूरे देश में एक मिसाल बन चुकी है।

'यूपी अब पूर्णत शांत है'
एक और ट्वीट में लिखा, उ.प्र. को हिंसा के दावानल में झोंकने के अरमान रखने वालों के मंसूबों पर योगी सरकार की सख्ती से तुषारापात सार्वजनिक सम्पत्ति को क्षति पहुंचाने वाले उपद्रवियों से ही क्षतिपूर्ति के सिंहनाद में उपद्रवियों ने अपना संभावित अंजाम देख लिया। यूपी अब पूर्णत शांत है। 

हर हिंसक गतिविधि अब रोएगी
सीएम के ट्विटर हैंडल में आगे लिखा गया, हर दंगाई हतप्रभ है। हर उपद्रवी हैरान है। देख कर योगी सरकार की सख्ती मंसूबे सभी के शांत हैं। कुछ भी कर लो अब, क्षतिपूर्ति तो क्षति करने वाले से ही होगी, ये योगी जी का ऐलान है। हर हिंसक गतिविधि अब रोएगी क्योंकि यूपी में योगी सरकार है। 

इसमें आगे लिखा गया, 'नागरिकता (संशोधन) कानून 2019 को लेकर हिंसा पर उतारू दिग्भ्रमित लोगों से अब वसूली की कार्रवाई हो रही है। मुख्यमंत्री योगी जी का यह निर्णय अनुकरणीय है और उपद्रवियों पर यह कार्रवाई देश में अप्रतिम मिसाल बनेगी। वसूली तो होकर रहेगी।'