AAP ने बीजेपी में गए अपने 7 राज्यसभा सांसदों की अयोग्यता की मांग की है। संजय सिंह ने सभापति को याचिका सौंपकर इसे दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन बताया है। पार्टी ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने उन 7 राज्यसभा सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग की है, जो हाल ही में पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इस सिलसिले में AAP के वरिष्ठ सांसद संजय सिंह ने रविवार को राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन को एक याचिका सौंपी है।

आपको बता दें कि 24 अप्रैल को राघव चड्ढा और हरभजन सिंह समेत 7 सांसदों ने AAP छोड़ दी थी। अपने इस कदम का बचाव करते हुए राघव चड्ढा ने कहा था, 'संविधान के मुताबिक, अगर किसी पार्टी के दो-तिहाई सांसद किसी दूसरी पार्टी में विलय करते हैं तो यह जायज है।' लेकिन AAP ने इस दलील को खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि 'दो-तिहाई सदस्यों के दल-बदल का नियम लोकसभा और राज्यसभा पर इस तरह लागू नहीं होता, इसलिए सांसदों के इस कदम की कोई कानूनी वैधता नहीं है।'

इस मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, 'पार्टी छोड़ने वाले 7 सांसदों का कदम दल-बदल विरोधी कानून के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े मामलों समेत कई फैसलों में यह साफ किया है कि इस तरह का दल-बदल सदस्यता रद्द करने का आधार बन सकता है। अगर जरूरत पड़ी तो हम इस मामले को लेकर कोर्ट भी जाएंगे।'

'यह भारत के संविधान के साथ धोखा है'

संजय सिंह ने आगे कहा, 'इन सांसदों को AAP ने चुना था। लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया। यह पंजाब की जनता और भारत के संविधान के साथ एक बड़ा धोखा है।' साथ ही, उन्होंने उन अफवाहों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि पंजाब के कुछ और विधायक भी बीजेपी के संपर्क में हैं।

हरभजन को पंजाब पुलिस की सुरक्षा हटी, अब केंद्र ने दी सिक्योरिटी

चंडीगढ़: राघव चड्ढा के साथ आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए 7 सांसदों में से एक, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह को दी गई पंजाब पुलिस की सुरक्षा राज्य सरकार ने वापस ले ली है। इसके तुरंत बाद केंद्र सरकार ने उन्हें CRPF की सुरक्षा मुहैया करा दी है। जालंधर के छोटी बारादरी इलाके में स्थित हरभजन सिंह के घर पर पंजाब पुलिस के 9-10 जवान तैनात थे। शनिवार को AAP कार्यकर्ताओं ने हरभजन के घर के बाहर प्रदर्शन भी किया था। इसी बीच, पुलिस सुरक्षा हटा ली गई। इसके बाद रविवार को उनके घर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को तैनात कर दिया गया।