Raghav Chadha AAP Controversy: आम आदमी पार्टी में राघव चड्ढा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पार्टी नेताओं ने उन पर पीएम मोदी के खिलाफ बोलने से बचने और संसद में अहम मुद्दों के बजाय अन्य मुद्दे उठाने का आरोप लगाया है। उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाकर अशोक मित्तल को नियुक्त किया गया है।
आम आदमी पार्टी के अंदर एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर पार्टी के कई नेताओं ने खुले तौर पर नाराजगी जाहिर की है। आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने संसद में पार्टी के अहम मुद्दों को मजबूती से नहीं उठाया और कई बार पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया। इसी विवाद के बीच आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाने का फैसला भी किया है। उनकी जगह पंजाब से सांसद और उद्योगपति अशोक कुमार मित्तल को नया उपनेता बनाया गया है। इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
‘मोदी से डरते हैं’ - AAP नेता का आरोप
पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मालविंदर सिंह कंग ढांडा (ढांडा) ने राघव चड्ढा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चड्ढा पिछले कुछ समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से बचते रहे हैं। ढांडा ने कहा कि संसद में पार्टी को बोलने के लिए बहुत सीमित समय मिलता है। ऐसे समय में देश से जुड़े बड़े मुद्दे उठाने की जरूरत होती है, लेकिन चड्ढा ने हवाई अड्डों पर समोसे की कीमत जैसे मुद्दे उठाने को प्राथमिकता दी। उनका कहना था कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया था, तब भी राघव चड्ढा ने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए।
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गुजरात और अन्य मुद्दों पर चुप रहने का आरोप
AAP नेताओं का आरोप है कि जब गुजरात में पार्टी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, तब भी राघव चड्ढा ने संसद में इस मुद्दे पर आवाज नहीं उठाई। ढांडा ने कहा कि आम आदमी पार्टी खुद को अरविंद केजरीवाल की विचारधारा का सिपाही मानती है और निडर होकर मुद्दे उठाना उसकी पहचान है। ऐसे में अगर कोई नेता बड़े राजनीतिक मुद्दों पर चुप रहता है, तो पार्टी के अंदर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सौरभ भारद्वाज और भगवंत मान ने भी उठाए सवाल
दिल्ली सरकार में मंत्री और पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने भी राघव चड्ढा की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में अहम राजनीतिक मुद्दों को उठाने के बजाय चड्ढा “सॉफ्ट पीआर” पर ज्यादा ध्यान दे रहे थे।
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि संसद में पार्टी लाइन का पालन करना जरूरी होता है। अगर कोई सांसद पार्टी की रणनीति से अलग चलता है, तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है। मान ने यह भी आरोप लगाया कि चड्ढा ने पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को संसद में मजबूती से नहीं उठाया।
उपनेता पद से हटाए गए राघव चड्ढा
इन विवादों के बीच आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर बताया कि राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाया जा रहा है। पार्टी ने पंजाब से सांसद अशोक कुमार मित्तल को नया उपनेता नियुक्त किया है। मित्तल एक उद्योगपति भी रहे हैं और पिछले कुछ समय से संसद में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
राघव चड्ढा का जवाब
विवाद के बीच राघव चड्ढा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संसद में उनकी चुप्पी को हार नहीं समझा जाना चाहिए। चड्ढा ने लिखा कि जब भी उन्हें संसद में बोलने का मौका मिलता है, वह आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाते हैं। उनका कहना है कि जनता से जुड़े विषयों पर सवाल उठाना गलत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने डिलीवरी कर्मचारियों की समस्याएं, खाने में मिलावट, टोल टैक्स, बैंक शुल्क और टेलीकॉम कंपनियों की नीतियों जैसे मुद्दे संसद में उठाए हैं।
‘मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना’
राघव चड्ढा ने अपने बयान में कहा कि संसद में उनके बोलने का अधिकार कई बार सीमित किया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने हार मान ली है। उन्होंने कहा, “मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना। मैं वह नदी हूं जो समय आने पर बाढ़ बन जाती है।”
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
AAP के अंदर चल रहे इस विवाद ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है। पार्टी के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में जाता है और पार्टी के अंदर इसका क्या असर पड़ता है।
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