दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया AI-479 की लैंडिंग अचानक क्यों टली? 'गो-अराउंड' के बीच विमान कुछ देर पाकिस्तान एयरस्पेस में पहुंच गया। DGCA की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अचानक एक ऐसी घटना घटी जिसने दोनों देशों के सुरक्षा गलियारों और एविएशन सेक्टर में हड़कंप मचा दिया। 22 जून को दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-479 अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के ठीक पहले लापता होने की कगार पर पहुंच गई और कुछ ही पलों के भीतर पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) में दाखिल हो गई। यह घटना जितनी संवेदनशील थी, उससे भी ज़्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि इसे पूरी तरह छुपाने की कोशिश की गई। बुधवार, 24 जून को जब डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविऐशन (DGCA) और एयर इंडिया ने आधिकारिक तौर पर इस घटना की पुष्टि की, तो पूरी एविएशन इंडस्ट्री सन्न रह गई।

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आसमान में 'बर्ड-स्ट्राइक' और वो 45 सेकंड का खौफनाक मोड़!

यह पूरा घटनाक्रम किसी थ्रिलर फिल्म की तरह शुरू हुआ। एयर इंडिया का एयरबस A321 विमान (रजिस्ट्रेशन नंबर VT-PPV) अपनी सामान्य उड़ान पर था। जैसे ही विमान अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब पहुंचा, रनवे पर अचानक एक 'बर्ड-स्ट्राइक' (पक्षी के टकराने) की घटना हो गई। रनवे पर इमरजेंसी जांच की जरूरत को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने फ्लाइट AI-479 को आसमान में ही 'होल्डिंग पैटर्न' पर रहने का निर्देश दिया।

असली सस्पेंस तब शुरू हुआ जब विमान ने 'रडार वेक्टरिंग' के तहत लैंडिंग की कोशिश को बीच में ही छोड़कर दोबारा उड़ान भरने यानी 'गो-अराउंड' (Go-Around) की प्रक्रिया शुरू की। अमृतसर एयरपोर्ट भारत-पाकिस्तान सीमा के बेहद करीब स्थित है। यहाँ रास्ते से मामूली सा भटकना भी बड़ी मुसीबत को दावत देना है। गो-अराउंड के दौरान पायलटों का नियंत्रण थोड़ा सा चूका और विमान अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तानी एयरस्पेस के भीतर चला गया। हालांकि, तुरंत पाकिस्तानी एयर ट्रैफिक कंट्रोल से तालमेल बिठाकर विमान को वापस भारतीय क्षेत्र में लाया गया और सुरक्षा के मद्देनजर उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर सुरक्षित लैंड कराया गया।

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सच छुपाने की कोशिश? DGCA का हंटर और 'इंटरिम एक्शन' का सस्पेंस

एक तरफ विमान दिल्ली में सुरक्षित लैंड कर चुका था और यात्री राहत की सांस ले रहे थे, वहीं परदे के पीछे एक गंभीर लापरवाही को छुपाया जा रहा था। अंतरराष्ट्रीय सीमा और एयरस्पेस के उल्लंघन जैसी गंभीर घटना की तुरंत रेगुलेटरी अथॉरिटीज को रिपोर्ट की जानी अनिवार्य होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। जब DGCA को अपने स्तर पर इस सुरक्षा चूक की भनक लगी, तो उसने तुरंत कड़ा रुख अख्तियार किया:

  • क्रू और ATC पर गाज: घटना को दबाने और समय पर रिपोर्ट न करने के कारण DGCA ने ऑपरेटिंग क्रू और अमृतसर में तैनात एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) दोनों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से 'अंतरिम कार्रवाई' (Interim Action) शुरू कर दी।
  • गंभीर चूक: एविएशन सुरक्षा नियमों के तहत, यह एक 'प्रक्रियात्मक उल्लंघन' है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतनी संवेदनशील सीमा पर हुई घटना को रिपोर्ट न करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चूक हो सकती है।

एयर इंडिया ने क्या कहा?

एयर इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर घटना की पुष्टि की है। एयरलाइन के अनुसार 'गो-अराउंड' प्रक्रिया के दौरान विमान कुछ समय के लिए पाकिस्तानी एयरस्पेस में चला गया था। कंपनी ने कहा कि मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है और आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। एयरलाइन ने यह भी दोहराया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

अप्रैल 2025 का वो काला इतिहास: क्यों सुलग उठी पुरानी चिंगारी?

इस घटना ने दोनों देशों के बीच पुराने कूटनीतिक तनाव को फिर से हवा दे दी है। दरअसल, यह पूरा मामला उस संवेदनशील पृष्ठभूमि में हुआ है जो अप्रैल 2025 से लागू है। याद दिला दें कि अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। उस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सीधा सैन्य टकराव चला था।

भारत-पाकिस्तान एयरस्पेस विवाद के बीच नई चुनौती

उसी तनाव के बाद पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिया था, जिसके जवाब में भारत ने भी पाकिस्तानी विमानों पर वैसी ही पाबंदियां लगा दी थीं। हालांकि अब सैन्य तनाव कम है, लेकिन राजनयिक संबंध बेहद ठंडे हैं। इस एयरस्पेस पाबंदी के कारण दोनों देशों की एयरलाइंस को मध्य एशिया, यूरोप और पश्चिम एशिया जाने के लिए लंबे और घुमावदार रूट्स का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे ईंधन की भारी खपत और ऑपरेशनल लागत बढ़ चुकी है। ऐसे नाजुक माहौल में एयर इंडिया के विमान का पाकिस्तानी सीमा में जाना किसी बड़े कूटनीतिक विवाद को जन्म दे सकता था। फिलहाल, अधिकारी नुकसान और डेटा का आकलन कर रहे हैं कि यह महज एक तकनीकी भटकाव था या इसके पीछे कोई और मानवीय चूक थी।