एअर इंडिया की एक फ्लाइट में टर्बुलेंस की घटना के बाद पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. मंत्रालय ने कहा है कि विमान सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों के तहत जरूरी कार्रवाई होगी.
एअर इंडिया की एक उड़ान में गंभीर टर्बुलेंस की घटना के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है. इस मामले में विमान के पायलटों को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से हटा दिया गया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नियामक संस्था DGCA ने साफ किया है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और विमान सुरक्षा के मानकों को हर हाल में बनाए रखा जाएगा।
पायलटों को ड्यूटी से हटाने यानी 'डी-रोस्टर' करने का यह कदम जांच प्रक्रिया का एक हिस्सा है. यह एक मानक प्रक्रिया है, जो ऐसी घटनाओं के बाद अपनाई जाती है ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित क्रू सदस्य उड़ान नहीं भर पाएंगे।
जांच के आदेश और कार्रवाई का भरोसा
इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक विस्तृत जांच शुरू कर दी है. जांच का मकसद यह पता लगाना है कि टर्बुलेंस के दौरान क्या परिस्थितियां थीं और क्या सभी निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया गया था. DGCA विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को नियंत्रित करने वाली सर्वोच्च संस्था है।
जांच के नतीजों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी. DGCA की टीम फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर सकती है ताकि घटना की तह तक पहुंचा जा सके. ज़ाहिर है, इस तरह की घटनाएं विमान में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती हैं।
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सुरक्षा पर सरकार का रुख एकदम साफ
इस घटना पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA ने एक संयुक्त बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि विमान सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाएगा और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार जो भी जरूरी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी. इसका मतलब है कि अगर जांच में किसी भी स्तर पर कोई चूक या लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. फिलहाल, सभी की निगाहें DGCA की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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