ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने IDF की सभी कॉम्बैट यूनिट्स के सैनिकों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। फैसले से संभावित सैन्य कार्रवाई की अटकलें तेज हैं। अमेरिका तनाव कम करने की कोशिश में जुटा है।

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इजरायल से बड़ी खबर आ रही है. इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने अपनी सभी कॉम्बैट यूनिट्स के सैनिकों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं. इस फैसले के बाद ये अटकलें तेज हो गई हैं कि इजरायल जल्द ही ईरान के खिलाफ कोई बड़ी जवाबी कार्रवाई कर सकता है.

सेना को हाई अलर्ट पर रखने का यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट पर टिकी हैं. हालांकि, हमले की प्रकृति और समय को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, और सब कुछ प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अगले कदम पर निर्भर करता है.

अमेरिका की क्या है कोशिश?

इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका की भूमिका भी काफी अहम हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका इस मामले को और बढ़ने से रोकना चाहता है और लगातार तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है. कहा जा रहा है कि अमेरिका नहीं चाहता कि यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो.

अमेरिकी प्रशासन की कोशिश है कि इजरायल कोई ऐसा कदम न उठाए, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता का नया दौर शुरू हो जाए. जाहिर है, अमेरिका इस सीधे टकराव से खुद को दूर रखने की फिराक में है.

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नेतन्याहू का 'बड़ा प्लान' और आगे का रास्ता

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक 'बड़े प्लान' पर काम कर रहे हैं, लेकिन इसकी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है. इसे लेकर सिर्फ कयास ही लगाए जा रहे हैं कि जवाबी कार्रवाई का स्वरूप क्या होगा.

एक तरफ इजरायली सरकार पर हमले का जवाब देने का भारी दबाव है, तो दूसरी तरफ अमेरिका जैसे सबसे बड़े सहयोगी की सलाह भी है. ऐसे में नेतन्याहू सरकार एक बड़े धर्मसंकट में फंसी नजर आ रही है.

फिलहाल, सेना की छुट्टियों का रद्द होना इस बात का साफ संकेत है कि पर्दे के पीछे कुछ बड़ा पक रहा है. अब देखना यह होगा कि क्या इजरायल एक नए हमले का जोखिम उठाता है या फिर कूटनीति को एक और मौका दिया जाता है.

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