राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु पर है। जेल के भीतर हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल सोमवार को उस समय सुर्खियों में आ गई, जब कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल के भीतर हत्या कर दी गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हत्या का आरोप भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु पर लगा है। दोनों कैदी एक ही बैरक में बंद थे और आपसी विवाद के बाद यह हिंसक घटना हुई। इस वारदात ने प्रदेश की हाई सिक्योरिटी जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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बैरक के अंदर हुआ जानलेवा हमला

प्राथमिक जांच के मुताबिक, बैरक के भीतर किसी बात को लेकर जगन गुर्जर और आरोपी विष्णु के बीच विवाद हुआ। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और आरोपी ने जगन गुर्जर पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और पूरे परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई।

कौन था जगन गुर्जर?

जगन गुर्जर का नाम वर्षों तक चंबल के बीहड़ों और पूर्वी राजस्थान में दहशत का पर्याय माना जाता रहा। उसके खिलाफ हत्या, डकैती, अपहरण, रंगदारी और कई अन्य गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। लंबे समय तक पुलिस की तलाश के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था और हाई-रिस्क कैदी के रूप में अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया था।

हाई सिक्योरिटी जेल में कैसे हुई वारदात?

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में प्रदेश के कई कुख्यात गैंगस्टर और हार्डकोर अपराधी बंद हैं। ऐसे में जेल के भीतर हुई यह हत्या सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर रही है। फिलहाल अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हमला किन परिस्थितियों में हुआ।

गैंगवार और आपसी रंजिश के एंगल से जांच

पुलिस और जेल प्रशासन हत्या के पीछे संभावित गैंगवार, पुरानी रंजिश और अन्य कारणों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि हाई सिक्योरिटी जेलों में बंद खतरनाक अपराधियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है।