SIR विवाद पर अमित शाह ने राहुल गांधी को घेरते हुए कांग्रेस की चुनावी हार का मुद्दा उठाया और 2029 को लेकर तंज कसा। दूसरी ओर, राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासी घमासान तेज है। राहुल गांधी के चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। शाह ने गुजरात में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए राहुल गांधी को आत्ममंथन की सलाह दी और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी तंज कसा। दूसरी ओर, राहुल गांधी ने कहा है कि वोट चोरी के आरोपों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
SIR पर राहुल के आरोपों को लेकर अमित शाह का सवाल
अमित शाह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या कांग्रेस गुजरात में SIR की वजह से चुनाव हारी है। उन्होंने कहा कि गुजरात में कांग्रेस लंबे समय से चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाई है और पार्टी नेतृत्व को इस पर आत्ममंथन करना चाहिए। शाह ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी को 2029 में लगातार चौथी हार के लिए तैयार रहना चाहिए। यह शाह का राजनीतिक हमला है, चुनाव परिणाम को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं।
यह भी पढ़ें: नंगे पैर मंदिर पहुंची पाकिस्तानी लड़की, दिखाया वहां कैसे मनती है नवरात्रि; वीडियो वायरल
गुजरात और उपचुनावों के नतीजों का दिया हवाला
शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी की जीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगातार मिल रही चुनावी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने दूसरे राज्यों के चुनावी नतीजों को भी कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाने के लिए आधार बनाया। शाह के मुताबिक, चुनावी नतीजों को SIR से जोड़ने के बजाय कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति पर ध्यान देना चाहिए।
राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
इससे पहले राहुल गांधी ने अपने आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं के लिए चाय-पार्टी आयोजित की। इसके बाद उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं। राहुल ने कहा कि कथित वोट चोरी के खिलाफ उनका संघर्ष जारी रहेगा और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन नहीं रुकेगा। ये कांग्रेस के आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें: कौन हैं एल मुरुगन जिन्होंने मंत्री पद-राज्यसभा सीट से दिया इस्तीफा, अचानक क्यों छोड़े 2 बड़े पद?
