6 साल से ऑनलाइन उत्पीड़न झेल रही अमूल्य शर्मा ने अपने पूर्व सहपाठी को गिरफ्तार करवाया। सिस्टम से मदद न मिलने पर उनकी वायरल सोशल मीडिया पोस्ट ने पुलिस को कार्रवाई के लिए प्रेरित किया। 55 डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपी अब न्यायिक हिरासत में है।

अमूल्य शर्मा नाम की एक लड़की ने अपने पुराने क्लासमेट को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जो पिछले 6 सालों से उन्हें लगातार ऑनलाइन परेशान कर रहा था। जब सिस्टम से मदद नहीं मिली, तो अमूल्य ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। उनकी इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अमूल्य ने बताया कि उनका पूर्व सहपाठी उन्हें 6 साल से तंग कर रहा था। यह सिर्फ़ कोई छोटी-मोटी छेड़छाड़ नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साज़िश के तहत उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोपी उन्हें लगातार धमकी भरे मैसेज, गंदे-गंदे ईमेल और बदनाम करने वाले कमेंट्स भेजता था।

शुरुआत में अमूल्य ने अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन जांच में कोई खास तेज़ी नहीं दिखाई दी। इसके बाद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी के भेजे हर ईमेल और ऑडियो मैसेज को सबूत के तौर पर सहेजना शुरू कर दिया। जब कार्रवाई में देरी हुई, तो उन्होंने अपना दर्द इंस्टाग्राम पर दुनिया के सामने रख दिया। स्क्रीनशॉट और वीडियो के साथ शेयर की गई यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई। देश भर से हज़ारों लोग अमूल्य के सपोर्ट में आ गए।

सोशल मीडिया में डाला 55 डिजिटल सबूत

इस मामले में 'ब्रोसेफ फाउंडेशन' नाम की एक संस्था ने भी उनकी मदद की। अमूल्य के जुटाए गए करीब 55 डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस ने 30 जनवरी, 2026 को FIR दर्ज की। इसके बाद हुई जांच में पुलिस ने वैलेंटाइन्स डे से ठीक पहले आरोपी को धर दबोचा। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है।

अमूल्य शर्मा ने साफ़ किया है कि आरोपी की गिरफ्तारी एक बड़ी जीत है, लेकिन उनकी कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। आरोपी की गिरफ्तारी पर उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'वो अब वहीं है, जहां उसे होना चाहिए।' अमूल्य जानती हैं कि आरोपी को ज़मानत मिल सकती है और कोर्ट की कार्यवाही लंबी चल सकती है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि उनका यह केस साइबर बुलिंग झेल रहे दूसरे लोगों के लिए एक उम्मीद बनेगा।