दिल्ली-चेन्नई ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस पर हमला किस राज्य और जिले में हुआ? पत्थरबाजी की घटना में सीनियर लोको पायलट एम. जयराम कैसे घायल हुए? गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद लोकोमोटिव क्रू ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाया? इस घटना के बाद रेलवे और स्थानीय पुलिस ने क्या कार्रवाई शुरू की है?
Delhi Chennai Grand Trunk Express: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रेन का इंजन अंदर से खून से सना हुआ है। यह दिल दहला देने वाला वीडियो आंध्र प्रदेश के प्रकाशम ज़िले से गुज़र रही दिल्ली-चेन्नई ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस का है। पिछले गुरुवार को कुछ अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर पत्थर और भारी चीज़ें फेंकीं, जिससे इंजन का विंडशील्ड टूट गया। इस हमले में सीनियर लोको पायलट एम. जयराम गंभीर रूप से घायल हो गए। इंजन के केबिन में फैला खून उन्हीं का था।

लोको पायलट की हालत अब कैसी है?
इस अचानक हुए हमले में घायल होने के बावजूद, लोकोमोटिव क्रू ने यात्रियों की सुरक्षा को पहले रखा और ट्रेन नहीं रोकी। उन्होंने ट्रेन को उलावापाडु स्टेशन पर जाकर ही रोका। वहां लोको पायलट जयराम को फौरन फर्स्ट एड दिया गया। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए विजयवाड़ा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। रेलवे ने बताया है कि जयराम की हालत अब स्थिर है।
रेलवे और पुलिस ने जांच शुरू की
रेलवे अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस का कहना है कि वे हमले के कारणों का पता लगा रहे हैं और इलाके से सबूत इकट्ठा कर रहे हैं। भारत में चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं हाल के दिनों में बढ़ी हैं। इन हमलों में रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों, दोनों को चोटें आई हैं। इससे रेलवे को भी भारी नुकसान होता है। अधिकारियों ने कई बार लोगों से अपील की है कि वे रेलवे ट्रैक के पास कोई भी संदिग्ध गतिविधि देखें तो उसकी सूचना दें, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं हुआ है।
