तमिलनाडु में बीजेपी के पूर्व नेता अन्नामलाई ने बीजेपी छोड़ते ही अपना आगे का प्लान बताया है। उन्होंने अन्नामलाई मक्कल इयक्कम आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। आखिर क्या है ये आंदोलन? क्या अन्नामलाई नई राजनीतिक पार्टी बनाने जा रहे हैं? अन्नामलाई के आंदोलन का मुख्य फोकस क्या होगा? जानिए ऐसे ही सवालों के जवाब।
Annamalai Futue Plan After BJP Resignation: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद अन्नामलाई ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने न केवल पार्टी छोड़ने के पीछे की वजहों पर चर्चा की, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति को लेकर अपनी भविष्य की रणनीति भी सामने रखी। अन्नामलाई ने घोषणा की है कि वह अब तमिलनाडु में एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करेंगे, जिसका उद्देश्य लोगों के बीच रहकर उनके मुद्दों को उठाना होगा।

BJP छोड़ने की वजह क्या बताई?
अन्नामलाई ने कहा कि उनकी इच्छा थी कि बीजेपी तमिलनाडु में सभी चुनाव अपने दम पर लड़े। उनका मानना था कि राज्य में पार्टी को स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं जनता के बीच रहकर उनके साथ काम करना चाहता था। मेरी स्पष्ट सोच थी कि बीजेपी तमिलनाडु में हर चुनाव अकेले लड़े। मैंने तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी स्थानीय निकाय चुनावों और अन्य चुनावों में अकेले उतरने को लेकर चर्चा की थी।"
पीएम मोदी और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात पर क्या बोले?
अन्नामलाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वह नहीं चाहते थे कि उनकी वजह से प्रधानमंत्री किसी असहज स्थिति का सामना करें। उन्होंने कहा, "मेरे मन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बहुत सम्मान है। मैं नहीं चाहता था कि मेरे कारण उनके सामने कोई कठिन परिस्थिति उत्पन्न हो। इसी वजह से मैंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की।"
पिछले 18 महीनों से चल रही थी चर्चा
अन्नामलाई ने खुलासा किया कि बीजेपी छोड़ने का फैसला अचानक नहीं लिया गया था। उन्होंने बताया कि इस विषय पर पिछले लगभग 18 महीनों से चर्चा चल रही थी। अन्नामलाई के अनुसार, उन्होंने पहली बार 4 दिसंबर 2025 को पार्टी छोड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन उन्हें चुनावी जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए रुकने को कहा गया था।
क्या है अन्नामलाई का फ्यूचर प्लान?
अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि वह राजनीति से दूरी नहीं बना रहे हैं। इसके बजाय वह एक नए जन-आधारित आंदोलन के जरिए अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने नए आंदोलन ‘अन्नामलाई मक्कल इयक्कम’ (Annamalai Makkal Iyakkam - AMI) की घोषणा की।
AMI आंदोलन को मिला लोगों का समर्थन
अन्नामलाई ने बताया कि आंदोलन के ऐलान के बाद उन्हें उम्मीद से कहीं ज्यादा समर्थन मिला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अन्नामलाई मक्कल इयक्कम (AMI) से जुड़ने के लिए 3,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होंने कहा कि जनता का यह विश्वास और उत्साह उनकी अपेक्षाओं से कहीं अधिक है। आने वाले दिनों में उनकी टीम सभी पंजीकृत स्वयंसेवकों से संपर्क करेगी।
तमिलनाडु में नई राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश
अन्नामलाई के इस कदम से संकेत मिलते हैं कि वह तमिलनाडु की राजनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान स्थापित करना चाहते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका नया आंदोलन राज्य की प्रमुख द्रविड़ पार्टियों DMK और AIADMK के सामने एक वैकल्पिक राजनीतिक मंच तैयार करने की दिशा में कदम हो सकता है।
परिवारवाद और राजनीतिक वर्चस्व पर साधा निशाना
अन्नामलाई ने राजनीति में परिवारवाद और लंबे समय तक एक ही समूह के प्रभुत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीति किसी एक परिवार या सीमित समूह की संपत्ति नहीं हो सकती। उनके संगठन में पदों की समय सीमा तय की जाएगी ताकि नए लोगों को आगे आने का अवसर मिल सके।
भविष्य में राजनीतिक पार्टी का रूप ले सकता है आंदोलन
अन्नामलाई ने अपने समर्थकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि फिलहाल संगठन की मजबूत नींव तैयार की जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि उचित समय आने पर अन्नामलाई मक्कल इयक्कम (AMI) को एक औपचारिक राजनीतिक पार्टी में बदला जा सकता है। अन्नामलाई ने कहा कि उनका आंदोलन स्थानीय निकाय चुनावों में बड़ी संख्या में नए चेहरों को अवसर देगा। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को राजनीति से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि नई पीढ़ी की भागीदारी से ही राजनीति में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।


