नासिक के अशोक खरात केस में सबसे अहम गवाह डॉ. जितेंद्र शेलके और उनकी पत्नी की समृद्धि महामार्ग पर एक एक्सीडेंट में मौत हो गई। इस घटना के बाद साजिश की आशंका जताई जा रही है। विपक्ष ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या बताया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
Ashok Kharat Video Case Update: महाराष्ट्र में नासिक के ढोंगी ज्योतिष अशोक खरात से जुड़े यौन शोषण मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। इस केस के अहम गवाह डॉ. जितेंद्र शेलके की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। हालांकि, इस मौत को लेकर विपक्ष तमाम तरह के सवाल उठा रहा है। कई लोग तो इसे हादसा नहीं हत्या बता रहे हैं। बता दें कि हादसा समृद्धि महामार्ग पर हुआ, जिसमें उनकी पत्नी अनुराधा शेलके की भी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कैसे हुआ हादसा: कंटेनर से टकराई कार
जानकारी के अनुसार, डॉ. शेलके अपने परिवार के साथ छत्रपति संभाजी नगर से शिरडी जा रहे थे। धोत्रे गांव के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार कंटेनर के नीचे घुसकर चकनाचूर हो गई। एक्सीडेंट के बाद कार काफी देर तक कंटेनर के नीचे फंसी रही। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक डॉ. शेलके और उनकी पत्नी की मौत हो चुकी थी। उनका बेटा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
अहम गवाह होने के कारण उठ रहे सवाल
बताया जा रहा है कि डॉ. जितेंद्र शेलके, अशोक खरात से जुड़े इस चर्चित केस में एक महत्वपूर्ण गवाह थे। वे शिवनिका ट्रस्ट के उपाध्यक्ष भी थे और खरात के करीबी सहयोगी माने जाते थे। इसी वजह से इस हादसे के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे हैं और मामले को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। अहमदनगर क्राइम ब्रांच ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं, ताकि यह साफ हो सके कि यह सिर्फ एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और कारण है।
विपक्षी नेताओं ने उठाए सवाल
इस घटना के बाद विपक्षी नेताओं ने इसे अविश्वसनीय बताते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। NCP (SP) के विधायक रोहित पवार के मुताबिक, यह घटना चौंकाने वाली है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह हादसा किसी साजिश का हिस्सा हो सकता है, ताकि कुछ अहम तथ्यों को सामने लाने से रोका जा सके।
शिवसेना (UBT) की प्रतिक्रिया: सुरक्षा की मांग
शिवसेना (UBT) की सुषमा अंधारे ने कहा कि पहले से ही आशंका जताई जा रही थी कि इस केस से जुड़े लोगों की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने SIT जांच में तेजी लाने और संबंधित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
‘यह सिर्फ हादसा नहीं’- अंजलि दमानिया
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने भी इस घटना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शेलके से कुछ दिन पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ की थी, और अब उनकी मौत हो गई। दमानिया ने आरोप लगाया कि यह मामला सिर्फ एक सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं लग रहा है।
हादसा या साजिश?
इस घटना ने पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ पुलिस इसे सड़क हादसा बता रही है, वहीं दूसरी तरफ कई लोग इसे शक की नजर से देख रहे हैं। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों पर है, जो यह तय करेंगी कि यह सिर्फ एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी है।


