Auto Driver Income: एक ऑटो ड्राइवर का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें वह बता रहा है कि महीने के 75 हजार रुपये कमाने के बावजूद वह कर्ज में क्यों डूबा रहता है। बेटी की 1.4 लाख रुपये की स्कूल फीस और घर के खर्चों ने उसकी कमर तोड़ दी है।

Auto Driver 75 Thousand Salary: ऑटो वाले दिन-रात मेहनत करते हैं। रोज का कम से कम हजार रुपये तो कमा ही लेते हैं। अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए वो ओवरटाइम भी करते हैं। इसी बीच एक ऑटो ड्राइवर का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। एक सवारी से बात करते हुए इस ड्राइवर ने बताया कि वह महीने का 75 हजार रुपये कमाता है। इतनी मोटी कमाई के बाद भी महीने के आखिर में उसे कर्ज लेना पड़ जाता है। उसकी यही बात अब इंटरनेट पर वायरल हो रही है।

75 हजार की कमाई, फिर भी सेविंग जीरो

ड्राइवर ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि जब लोग उसकी कमाई के बारे में पूछते हैं, तो 75 हजार का आंकड़ा सुनकर हैरान रह जाते हैं। लेकिन घर का खर्च, ऑटो का मेंटेनेंस, पेट्रोल, बेटी की स्कूल फीस और लोन की ईएमआई भरने के बाद ये 75 हजार रुपये भी कम पड़ जाते हैं।

मैं अनपढ़ हूं, लेकिन बेटी अच्छे स्कूल में है

ऑटो वाले ने बताया कि वह खुद ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। लेकिन उसने अपनी बेटी का एडमिशन एक बहुत अच्छे स्कूल में कराया है। उसकी सालाना फीस 1.4 लाख रुपये है। इसके अलावा भी पढ़ाई के कई खर्चे होते हैं। हालांकि, ड्राइवर को इस बात की खुशी है कि उसकी बेटी अच्छी शिक्षा ले रही है। उसने कहा कि वह अपनी बेटी की पढ़ाई पर ज्यादा खर्च करना चाहता है और इससे उसे बहुत सुकून मिलता है।

रोज की कमाई 2500 रुपये, फिर भी क्यों है कर्ज?

ड्राइवर ने अपने खर्चों का पूरा हिसाब भी दिया। उसने बताया कि वह हफ्ते के सातों दिन काम करता है और रोज औसतन 2500 रुपये कमा लेता है। इस तरह महीने की कमाई 75,000 रुपये तक पहुंच जाती है। लेकिन रोज का पेट्रोल खर्च 400 से 500 रुपये है। ऑटो की ईएमआई रोज 400 रुपये जाती है। दिनभर के खाने-पीने और चाय-कॉफी में 200 रुपये लग जाते हैं। घर के राशन का रोज का खर्च करीब 300 रुपये है। इसके अलावा ऑटो में पंचर या अन्य छोटे-मोटे खर्चों में 200 रुपये निकल जाते हैं। इन रोजमर्रा के खर्चों के अलावा, महीने का घर का किराया 12 हजार रुपये है और बेटी की सालाना स्कूल फीस 1.4 लाख रुपये है।

इन सब खर्चों में उसकी रोज की कमाई पूरी तरह खत्म हो जाती है। सेविंग के नाम पर कुछ नहीं बचता। अगर अचानक कोई बीमारी आ जाए, या घर में कोई शादी-फंक्शन हो, तो उसे कर्ज लेना ही पड़ता है। एक बार कर्ज ले लिया, तो फिर उसे चुकाने की टेंशन शुरू हो जाती है। जैसे ही एक कर्ज खत्म होता है, दूसरी मुसीबत सामने खड़ी हो जाती है।

सोशल मीडिया पर लोग इस ऑटो ड्राइवर की बातों से काफी रिलेट कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ड्राइवर के खर्चे कोई बहुत ज्यादा या फालतू नहीं हैं, बल्कि देश में महंगाई ही इतनी बढ़ गई है। आज के समय में इंसान चाहे कितना भी कमा ले, मिडिल क्लास के लिए वो पैसा कम ही पड़ जाता है।