Ayodhya Non Veg Ban: राम मंदिर के 15 KM दायरे में नॉन-वेज पर इतनी सख्ती क्यों?
Ayodhya Rule Change: क्या राम मंदिर क्षेत्र में अब पूरी तरह बदलेगा खानपान का नियम? अयोध्या में राम मंदिर के 15 किमी दायरे में नॉन-वेज डिलीवरी पर बैन, होटल और फूड ऐप्स अलर्ट पर-लेकिन सवाल है, फिर भी शराब की दुकानें क्यों बनी हुई हैं?

Ayodhya 15 Km Non Veg Restriction: अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद शहर की पहचान पूरी तरह धार्मिक और आध्यात्मिक रूप में स्थापित हो चुकी है। अब इसी पहचान को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक और बड़ा फैसला लिया है। राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में नॉन-वेज खाने की डिलीवरी पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। यह फैसला तब लिया गया, जब लगातार शिकायतें सामने आईं कि फूड डिलीवरी कंपनियां मंदिर क्षेत्र और पांच कोसी परिक्रमा क्षेत्र में नॉन-वेज खाना सप्लाई कर रही हैं।
नॉन-वेज डिलीवरी पर बैन लगाने की जरूरत क्यों पड़ी?
अयोध्या प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि पहले से रोक के बावजूद कुछ होटल, होमस्टे और ऑनलाइन फूड ऐप्स के जरिए पर्यटकों को नॉन-वेज खाना परोसा जा रहा है। यह इलाका धार्मिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में प्रशासन ने तय किया कि सिर्फ दुकानों ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन डिलीवरी पर भी सख्त रोक लगाई जाए।
फूड डिलीवरी कंपनियों पर क्या कार्रवाई हुई?
अयोध्या के असिस्टेंट फूड कमिश्नर माणिक चंद्र सिंह ने साफ कहा कि पहले लगाए गए प्रतिबंध को नजरअंदाज किया जा रहा था। इसी कारण अब ऑनलाइन नॉन-वेज फूड डिलीवरी पूरी तरह बंद कर दी गई है। सभी फूड डिलीवरी कंपनियों को लिखित रूप से आदेश की जानकारी दे दी गई है और अब प्रशासन इसकी लगातार निगरानी करेगा।
होटल और होमस्टे क्यों प्रशासन के रडार पर आए?
प्रशासन को यह भी शिकायतें मिलीं कि कुछ होटल और होमस्टे अपने मेहमानों को नॉन-वेज खाना और शराब परोस रहे थे। इसके बाद इन सभी को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। साफ कहा गया है कि अगर नियमों का उल्लंघन हुआ तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या राम पथ पर शराब की दुकानें अब भी मौजूद हैं?
यहां एक बड़ा सवाल भी खड़ा होता है। जहां नॉन-वेज डिलीवरी पर सख्त बैन लगाया गया है, वहीं राम पथ पर दो दर्जन से ज्यादा लाइसेंसी शराब की दुकानें अब भी मौजूद हैं। पिछले साल मई में अयोध्या नगर निगम (AMC) ने राम पथ के 14 किलोमीटर हिस्से में शराब और मांस की बिक्री पर बैन का प्रस्ताव पास किया था, लेकिन शराब दुकानों को हटाने के लिए अभी जिला प्रशासन की अनुमति जरूरी बताई जा रही है।
आगे क्या करेगा प्रशासन?
AMC अधिकारियों का कहना है कि फैजाबाद इलाके में मांस की दुकानों को हटाने की कोशिश की गई है, लेकिन शराब की दुकानों पर फैसला जिला प्रशासन के स्तर पर होना है। फिलहाल प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि राम मंदिर क्षेत्र और पांच कोसी परिक्रमा में नॉन-वेज पूरी तरह बंद रहे। अयोध्या में नॉन-वेज डिलीवरी पर लगा यह बैन सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि शहर की धार्मिक पहचान और मर्यादा को बनाए रखने की कोशिश है।

