Triple Talaq Case: पत्नी ने नहीं मानी ये डिमांड तो पति ने दे दिया तलाक-क्या है पूरा मामला?
यूपी में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक शख्स ने पत्नी को ट्रिपल तलाक देकर 18 महीने के बच्चे समेत घर से निकाल दिया। पुलिस ने पति समेत पांच के खिलाफ मुस्लिम महिला कानून, दहेज निषेध अधिनियम और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया।

Triple Talaq Dowry Case In UP: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और ट्रिपल तलाक से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को सिर्फ इसलिए तीन तलाक दे दिया गया क्योंकि उसके परिवार ने दहेज में मांगा गया कैश और मोटरसाइकिल नहीं दी। पुलिस ने इस मामले में पति समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। यह मामला बताता है कि कानून सख्त होने के बावजूद दहेज और तीन तलाक जैसी कुप्रथाएं आज भी महिलाओं की जिंदगी को बर्बाद कर रही हैं।
शादी के तुरंत बाद दहेज की मांग क्यों शुरू हुई?
शाहजहांपुर जनपद के तिलहर सर्किल पुलिस अफसर के मुताबिक पीड़िता गुलफसा की शादी चार साल पहले डभौरा गांव के अब्दुल कलीम से हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद पति और उसके घरवालों ने दहेज में नकद रुपये और एक मोटरसाइकिल की मांग शुरू कर दी। शुरुआत में परिवार ने मामले को शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब मांगें लगातार बढ़ती रहीं, तब स्थिति बिगड़ती चली गई।
क्या दहेज न मिलने पर पत्नी से मारपीट की गई?
जब गुलफसा के मायके वाले दहेज की मांग पूरी नहीं कर पाए, तो आरोपी पति ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट और अपमान करना शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। तीन दिन पहले हालात तब और खराब हो गए, जब आरोपी ने पत्नी को बेरहमी से पीटा और उसे 18 महीने के मासूम बच्चे के साथ घर से बाहर निकाल दिया।
मायके पहुंचकर क्यों दिया गया ट्रिपल तलाक?
घटना यहीं नहीं रुकी। पुलिस के अनुसार, आरोपी पति बाद में महिला के मायके पहुंचा और वहां ट्रिपल तलाक दे दिया। इस दौरान पीड़िता के परिवार ने पूरे घटनाक्रम को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सबूत के तौर पर सामने आया है। यही वीडियो और बयान इस केस को और गंभीर बना देता है।
पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया?
तिलहर सर्किल ऑफिसर ज्योति यादव ने बताया कि आरोपी अब्दुल कलीम और चार अन्य लोगों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराएं, मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम की धारा 5 और 6 दहेज निषेध अधिनियम और मारपीट से जुड़े प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि केस की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

