अयोध्या राम मंदिर दान हेराफेरी मामले में SIT जांच जारी है। जानिए पूरा विवाद, 8 आरोपियों की भूमिका, ट्रस्ट का पक्ष और अब तक क्या-क्या सामने आया।
Ram Temple Donation Row: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं, इस पूरे विवाद में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बता दें कि 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। SIT अब पूरे मामले की जांच कर रही है और दान की गिनती से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जानते हैं चंदा चोरी केस में गिरफ्तार 8 आरोपी कौन-कौन?

1- टिन्नू यादव
राम शंकर यादव, जिन्हें टिन्नू यादव के नाम से जाना जाता है, इस मामले का सबसे चर्चित नाम हैं। बताया जाता है कि वह ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पूर्व ड्राइवर रहे हैं। साथ ही वे विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कारसेवकपुरम से भी जुड़े थे और मंदिर में दान की गिनती के काम में शामिल थे। आरोप है कि दान पेटियों की चाबियां उनके पास रहती थीं और ट्रस्ट के कुछ सदस्यों के करीबी होने के कारण वे पूरे सिस्टम पर प्रभाव रखते थे। हालांकि, टिन्नू यादव ने दान की गिनती में किसी भी भूमिका से इनकार किया है। उन्होंने इन आरोपों के पीछे बिना किसी का नाम लिए "ईर्ष्यालु लोगों" को जिम्मेदार बताया।
2- रवि मिश्रा
रमाशंकर मिश्रा उर्फ रवि मिश्रा भी दान की गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर साजिश रची। आरोप यह भी है कि उन्होंने अपने बेटे और दामाद को भी दान की गिनती के काम में शामिल कराया।
3- अनुकल्प मिश्रा
अनुकल्प मिश्रा, आरोपी रमाशंकर मिश्रा के बेटे हैं। वे भी दान की गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे। बताया जाता है कि अनुकल्प मिश्रा ट्रस्टी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार भी हैं।
4- लवकुश मिश्रा
लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा के दामाद हैं। आरोप है कि हेराफेरी किए गए पैसों को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी उनके पास थी। जांच के शुरुआती दौर में उनके घर से भी नकदी बरामद होने के आरोप सामने आए थे।
5- अविनाश शुक्ला
मंदिर के अटेंडेंट बताए जा रहे अविनाश शुक्ला पर भी पैसों की हेराफेरी में शामिल होने का आरोप है। जांच में उन्हें इस कथित सिंडिकेट का अहम सदस्य बताया गया। आरोप है कि उनके बैंक खाते से 5 लाख रुपये बरामद किए गए।
6- मनीष यादव
मनीष यादव, टिन्नू यादव के भतीजे बताए जाते हैं। वे भी दान की गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे। आरोप है कि उनके घर से भी कथित तौर पर हेराफेरी से जुड़े पैसे बरामद किए गए।
7- सुभाष श्रीवास्तव
बैंक के पूर्व कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव कैश गिनने वाले कर्मचारियों के इंचार्ज थे।
8- करुणेश पांडे
करुणेश पांडे पर दान की रसीदों में हेरफेर करने का आरोप लगाया गया है। ट्रस्ट ने दान की गिनती का काम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को सौंपा था, जबकि SBI ने यह जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को दी थी।
राम मंदिर को कितना दान मिलता है?
जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और दान भी लगातार बढ़ा है। सितंबर 2025 में जारी वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 327 करोड़ रुपये की आय हुई।
- दान से आय: 153 करोड़ रुपये
- ब्याज से आय: 173 करोड़ रुपये
हर दिन कितने श्रद्धालु पहुंचते हैं?
ट्रस्ट के अनुसार, रोजाना औसतन 70 हजार से 80 हजार श्रद्धालु राम मंदिर में दर्शन करने आते हैं। वीकेंड और बड़े त्योहारों पर यह संख्या सामान्य दिनों की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है।
दान की गिनती कैसे होती है?
राम मंदिर में दान पेटियों में जमा राशि की गिनती 14 सदस्यों की टीम करती है। इस टीम में 11 बैंक कर्मचारी और 3 मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। ये सभी मिलकर मंदिर की चार दान पेटियों में जमा नकदी की गिनती करते हैं।
रसीद वाले दान को लेकर ट्रस्ट का क्या कहना है?
मंदिर ट्रस्ट के कैंप ऑफिस के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने पहले समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में बताया था कि काउंटर पर मिलने वाला दान केवल रसीद जारी करने के बाद ही स्वीकार किया जाता है। उनके अनुसार, यदि किसी तरह की गड़बड़ी हुई भी है, तो उसका संबंध रसीद के जरिए जमा हुए दान से नहीं, बल्कि दान पेटियों में जमा नकदी की गिनती की प्रक्रिया से हो सकता है।


