रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED ने आजम खान को गिरफ्तार किया। गाजियाबाद की PMLA कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। जानिए जौहर यूनिवर्सिटी मामले और डासना जेल का पूरा अपडेट।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने शनिवार शाम रामपुर जेल से बाहर कदम रखा ही था कि कुछ ही देर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जिस रिहाई का इंतजार करीब 11 महीने से था, वह चंद मिनटों में नए कानूनी घटनाक्रम में बदल गई। रविवार को गाजियाबाद की विशेष PMLA अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब उन्हें रामपुर की जगह डासना जेल में रखा जाएगा।

गाजियाबाद कोर्ट ने सुनाया 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश

ईडी ने रविवार सुबह आजम खान को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया। विशेष न्यायाधीश अविनाश कुमार पांडेय की अदालत में करीब डेढ़ घंटे तक सुनवाई चली। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। आजम खान को डासना जिला जेल में रखा जाएगा। पेशी के दौरान जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह कुछ कहना चाहेंगे, तो आजम खान ने जवाब दिया, “अब क्या रह गया है बोलने को?” उनका यह छोटा-सा जवाब पूरे घटनाक्रम के बीच चर्चा का विषय बन गया।

Scroll to load tweet…

यह भी पढ़ें: कांग्रेस से मतभेद फिर भी ध्रुव राठी ने किया समर्थन! 1 नवंबर को लेकर जनता से कर दी बड़ी अपील

जौहर यूनिवर्सिटी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की कार्रवाई

ईडी की जांच मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं पर केंद्रित है। एजेंसी के मुताबिक, सरकारी ठेकों से जुड़े धन के कथित डायवर्जन और ट्रस्ट व विश्वविद्यालय में उसके इस्तेमाल की जांच की जा रही है। दिए गए मामले में 494 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप भी सामने आया है। हालांकि, यह जांच एजेंसी का आरोप है, अदालत में साबित हुआ तथ्य नहीं। ईडी ने इस मामले में पहले भी पूछताछ और तलाशी की कार्रवाई की थी।

Scroll to load tweet…

डबल PAN केस में मिली थी राहत, बेटे अब्दुल्ला हुए रिहा

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को डबल PAN कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद शनिवार को रामपुर जेल से रिहाई मिली थी। दोनों करीब 11 महीने से जेल में थे। लेकिन जेल से बाहर आते ही ईडी ने आजम खान को दूसरे मामले में हिरासत में ले लिया, जबकि अब्दुल्ला आजम अपने घर चले गए। इस घटनाक्रम पर सपा नेताओं ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा नेताओं ने कानून के मुताबिक कार्रवाई होने की बात कही है। फिलहाल आजम खान की कानूनी मुश्किलें खत्म होती नहीं दिख रही हैं।

यह भी पढ़ें: 10 लाख की भीड़ का दावा, रामलीला मैदान में क्या दिखा? ड्रोन तस्वीरों ने खींचा ध्यान