IFS अफसर परवीन कासवान ने काजीरंगा का एक ड्रोन वीडियो शेयर किया। इसमें एक नन्हा गैंडा अपनी माँ के साथ कीचड़ में खेल रहा है। यह वीडियो अवैध शिकार रोकने हेतु ड्रोन निगरानी के महत्व को दर्शाता है।
भारत के जंगल तरह-तरह के जानवरों से भरे पड़े हैं। दक्षिण-पूर्वी भारत में जहां हाथियों का दबदबा है, तो वहीं पश्चिमी राज्य गुजरात में शेर पाए जाते हैं। इसी तरह, पूर्वी राज्यों में गैंडों का राज है। हाल ही में, इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) के अफसर परवीन कासवान ने काजीरंगा नेशनल पार्क का एक वीडियो शेयर किया, जो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।
मां की छत्रछाया में मस्ती
यह एक ड्रोन वीडियो है, जिसमें एक छोटा सा गैंडा अपनी मां की निगरानी में कीचड़ में लोटपोट हो रहा है। वीडियो शेयर करते हुए परवीन कासवान ने गैंडों के अवैध शिकार पर भी चिंता जताई। उन्होंने लिखा, "जब हमारे नेशनल पार्क में एक रूटीन ड्रोन निगरानी के दौरान यह खूबसूरत पल कैद हो गया; एक नन्हा गैंडा अपनी मां की सुरक्षा में कीचड़ में खेल रहा है।"
कासवान ने बताया कि भारत के जंगलों में दूर-दराज के इलाकों पर नजर रखने के लिए आजकल माइक्रो ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता है। शिकारियों के गिरोह आज भी गैंडों का शिकार करते हैं, क्योंकि बाजार में उनके सींग की बहुत ज़्यादा कीमत मिलती है। इसलिए, वन विभाग गैंडों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। ऊंचाई से निगरानी के लिए माइक्रो ड्रोन इस्तेमाल होते हैं और इन वीडियो को ज़ूम करने के लिए खास उपकरण भी होते हैं।
वायरल हुए मां और बच्चा
उन्होंने यह भी बताया कि गैंडे कीचड़ में लेटना क्यों पसंद करते हैं। कीचड़ उनके भारी शरीर को ठंडा रखने और उनकी संवेदनशील त्वचा को धूप से बचाने में मदद करता है। यह एक तरह से उनके लिए नेचुरल सनस्क्रीन का काम करता है। साथ ही, यह उन्हें कीड़े-मकौड़ों और परजीवियों से भी बचाता है। परवीन कासवान का शेयर किया गया यह वीडियो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया और इसे करीब 30,000 लोगों ने देखा। इसके तुरंत बाद, उन्होंने एक और दर्दनाक तस्वीर शेयर की। यह एक पुरानी तस्वीर थी जिसमें एक गैंडे को शिकारियों ने मार डाला था। उसका सींग काट लिया गया था, जिसे म्यांमार के रास्ते चीन तस्करी के लिए ले जाया जाना था।


