बलोच एक्टिविस्ट ओमर करीम ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर का इस्तेमाल बलूचिस्तान में हो रहे अत्याचारों से ध्यान भटकाने के लिए कर रहा है। उन्होंने पाकिस्तान को 'आतंकी देश' बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बलोच एक्टिविस्ट ओमर करीम ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि वह कश्मीर मुद्दे का इस्तेमाल अपने ही घर में हो रहे मानवाधिकारों के हनन से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए कर रहा है। करीम ने पेरिस में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को 'शर्मनाक' करार दिया। उनके मुताबिक, यह कार्यक्रम बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) में हो रहे अत्याचारों को छिपाने की एक कोशिश भर थी। दरअसल, पेरिस में पाकिस्तानी दूतावास ने कश्मीर के लोगों के साथ 'एकजुटता' दिखाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। लेकिन बलोच एक्टिविस्ट ने पाकिस्तान के इस दोहरे रवैये की पोल खोल दी। उन्होंने साफ कहा कि जो देश खुद अपने लोगों पर ज़ुल्म ढा रहा हो, उसे दूसरों के लिए आवाज़ उठाने का कोई हक़ नहीं है।
'आतंकी देश' है पाकिस्तान
ओमर करीम ने पाकिस्तान पर बलोच लोगों के 'नरसंहार' का सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं (extrajudicial killings) में सीधे तौर पर शामिल है। करीम के अनुसार, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने की लगातार कोशिश कर रहा है। यही नहीं, करीम ने पाकिस्तान को एक 'आतंकी देश' और 'वैश्विक शांति के लिए खतरा' तक बता दिया। उनका मानना है कि कश्मीर पर पाकिस्तान का दिखावा सिर्फ एक पर्दा है, जिसके पीछे वह अपने खूनी खेल को छिपाना चाहता है।
बात सीधी और साफ़ है, पाकिस्तान की कथनी और करनी में ज़मीन-आसमान का फर्क है। अपने बयान के आखिर में बलोच एक्टिविस्ट ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक बड़ी अपील भी की। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान को उसके इन कामों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। करीम ने ज़ोर देकर कहा कि दुनिया को पाकिस्तान के इस धोखे में नहीं आना चाहिए और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
