बेंगलुरु में कमर्शियल LPG सिलेंडर की भारी कमी से होटल और PG में खाने का संकट है। सप्लाई बाधित होने से कई होटल बंद हो रहे हैं और छात्रों व पेशेवरों को परेशानी हो रही है। सरकार समाधान के लिए बैठक कर रही है।

बेंगलुरु: शहर में गैस सिलेंडर की कमी इतनी बढ़ गई है कि होटल और पेइंग गेस्ट (PG) में खाना बनना मुश्किल हो गया है। पिछले तीन दिनों से कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई ठप है, जिसके चलते कई होटलों पर दोपहर तक ताला लगने की नौबत आ गई है। इस समस्या का सीधा असर स्टूडेंट्स और पीजी में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है।

पीजी में दोपहर का खाना बंद

व्हाइटफील्ड पीजी वेलफेयर एसोसिएशन के मुताबिक, इलाके के कई पीजी मालिकों ने गैस की किल्लत के चलते दोपहर का खाना देना फिलहाल बंद कर दिया है। पीजी मालिक नोटिस लगा रहे हैं कि जब तक गैस सिलेंडर की सप्लाई ठीक नहीं हो जाती, तब तक लंच नहीं मिलेगा। इस वजह से पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स और आईटी प्रोफेशनल्स को दोपहर के खाने के लिए भटकना पड़ रहा है।

दूसरी तरफ, शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से लड़खड़ा गई है। इसका असर ये हुआ है कि कई होटल या तो अपनी सर्विस कम कर रहे हैं या बंद करने की सोच रहे हैं। होटल मालिकों का कहना है कि जहां पहले उन्हें दिन में 10 सिलेंडर मिलते थे, वहीं अब सिर्फ 5 मिल रहे हैं। बचे हुए दो-तीन सिलेंडर से ही काम चलाना पड़ रहा है। ऐसे में आज दोपहर तक शहर के ज्यादातर होटलों के बंद होने की आशंका है।

इस बीच, देवनगुंडी में इंडियन ऑयल के गैस प्लांट के बाहर सिलेंडरों से भरे सैकड़ों ट्रक खड़े देखे गए हैं। सूत्रों का कहना है कि सिलेंडर बनाने वाली कंपनियों ने ही कमर्शियल सिलेंडर का प्रोडक्शन और सप्लाई रोक दी है, जिससे यह स्थिति पैदा हुई है। बेंगलुरु में घरेलू और कमर्शियल, दोनों तरह के गैस सिलेंडर की सबसे बड़ी सप्लायर इंडियन ऑयल ही है और वहीं से सप्लाई कम होने से मामला और गंभीर हो गया है।

विद्यार्थी भवन होटल में सीटें कम हुईं!

इस संकट का असर शहर के नामी होटलों पर भी साफ दिख रहा है। मशहूर विद्यार्थी भवन (Vidyarthi Bhavan) होटल ने ग्राहकों के लिए सीटों की संख्या कम कर दी है। आमतौर पर उपलब्ध रहने वाली करीब 40 सीटों को अस्थायी रूप से हटा दिया गया है। होटल स्टाफ ने बताया कि गैस की कमी के कारण नाश्ता ठीक से नहीं बन पा रहा है। जहां सुबह चार तवों पर डोसा बनता था, अब सिर्फ एक तवे पर काम चलाना पड़ रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि अगर आज भी गैस सिलेंडर नहीं मिला तो होटल बंद करना पड़ सकता है।

चिंता की बात यह भी है कि यह किल्लत सिर्फ कमर्शियल सिलेंडरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर घरेलू गैस सिलेंडर पर भी पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिडिल ईस्ट के खाड़ी देशों में बने युद्ध जैसे हालात की वजह से ग्लोबल लेवल पर फ्यूल सप्लाई चेन पर असर पड़ा है, जिसका नतीजा अब बेंगलुरु में दिख रहा है।

इस समस्या को सुलझाने के लिए आज सुबह 11 बजे खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री के. एच. मुनियप्पा (K. H. Muniyappa) की अगुवाई में एक अहम बैठक होगी। इस मीटिंग में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (Indian Oil Corporation), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum) और भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) के अधिकारी शामिल होंगे। उम्मीद है कि बैठक में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई को जल्द से जल्द ठीक करने पर चर्चा होगी।

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैस सिलेंडर की यह कमी अगले 10 से 15 दिनों तक जारी रह सकती है। इसका असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है जो नया गैस कनेक्शन लेने की सोच रहे हैं। पहले से ही नए कनेक्शन के लिए लोग परेशान हो रहे हैं।

ऐसे में होटल मालिकों और पीजी संचालकों ने सरकार से तुरंत कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर गैस सप्लाई फौरन ठीक नहीं हुई तो शहर में खाने-पीने की सेवाओं पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।