बेंगलुरु की एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर ने मुस्लिम छात्र को 'आतंकवादी' कहा। घटना का वीडियो वायरल होने पर हुए विरोध के बाद, आरोपी प्रोफेसर को नौकरी से निकाल दिया गया। यूनिवर्सिटी ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का आश्वासन दिया है।
बेंगलुरु: शहर की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक प्रोफेसर पर मुस्लिम छात्र को 'आतंकवादी' कहने का आरोप लगा है। विवाद बढ़ने के बाद आरोपी प्रोफेसर को नौकरी से निकाल दिया गया है। इस मामले में आरोपी प्रोफेसर का नाम डॉ. मुरलीधर देशपांडे है। यह घटना 24 मार्च को हुई थी, लेकिन इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब यह मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर छात्रों में काफी गुस्सा है।
क्लास में पढ़ाते वक्त किया अपमान
जानकारी के मुताबिक, प्रोफेसर क्लास में पढ़ा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने गुस्से में आकर अफ्फान नाम के एक मुस्लिम छात्र को सबके सामने 'आतंकवादी' (टेररिस्ट) कह दिया। क्लास में मौजूद कुछ छात्रों ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही छात्र संगठनों और आम लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन (NSUI) ने प्रोफेसर के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई और सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
मैनेजमेंट की इमरजेंसी मीटिंग, प्रोफेसर बर्खास्त
विवाद को बढ़ता देख यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और शुरुआती जांच की। जांच में आरोप गंभीर पाए जाने के बाद, प्रोफेसर डॉ. मुरलीधर देशपांडे को पहले सस्पेंड किया गया और फिर उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
इस घटना ने कैंपस में सुरक्षा और बराबरी के माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे छात्रों के बीच बेचैनी और चिंता है। यूनिवर्सिटी ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। कुल मिलाकर, एक शिक्षण संस्थान में ही धर्म के आधार पर छात्र का अपमान करने की यह घटना समाज में एक बड़ी बहस का मुद्दा बन गई है। लोग ऐसी हरकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
