बेंगलुरु में छात्रों ने लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए अपने सहपाठी को अगवा कर 50,000 रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में पीड़ित को बचाया और 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच जारी है।

बेंगलुरु में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कुछ छात्रों ने अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल के खर्चे पूरे करने के लिए अपने ही एक क्लासमेट को अगवा कर लिया। पुलिस ने कुछ ही घंटों में कार्रवाई करते हुए छात्र को बचा लिया। आरोपी छात्र बिहार, जमशेदपुर, केरल और बेंगलुरु के रहने वाले हैं। उन्होंने ओडिशा के रहने वाले अपने साथी छात्र मोहंती को किडनैप किया था। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने मोहंती को उसके हॉस्टल से बाहर बुलाया, उसे जबरदस्ती एक कार में धकेला और अपने एक कमरे में ले गए। इसके बाद उन्होंने मोहंती के दोस्तों से उसकी रिहाई के बदले 50,000 रुपये की मांग की।

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मोहंती के दोस्तों ने 10,000 रुपये भेज दिए और फौरन पुलिस को 112 पर कॉल कर दी। मडिवाला पुलिस ने तेजी से एक्शन लेते हुए GPS की जानकारी से आरोपियों का पता लगाया और पीड़ित को छुड़ा लिया। एक तेज ऑपरेशन में पुलिस ने दो घंटे के अंदर सभी आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने मौके से एक नकली मेटल पिस्टल, एक चाकू और अपराध में इस्तेमाल की गई कार जब्त की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम आदित्य भोसले उर्फ आदित्य रॉक्सी, शौर्य अग्रवाल, सैयद बिलाल और निकुंज हैं। पीड़ित मोहंती ओडिशा का रहने वाला है और बीटीएम लेआउट फर्स्ट स्टेज के एक हॉस्टल में रहता है।

एसीपी पी वासुदेव वीके और इंस्पेक्टर मोहम्मद एमए के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम ने यह ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने पीड़ित के दोस्तों को किडनैपर्स के संपर्क में बनाए रखा। पुलिस ने ही उनसे कहा कि वे छोटी-छोटी रकम—जैसे 1,000 और 2,000 रुपये—ट्रांसफर करते रहें, ताकि समय मिल सके और पीड़ित को कोई नुकसान न पहुंचे। मामले में आगे की जांच जारी है।

पुलिस ने क्या कहा?

डीसीपी साउथ ईस्ट, मोहम्मद सुजीता एम.एस. ने बताया कि पहले लगा था कि पीड़ित को कुछ अनजान लोग उठाकर ले गए हैं। हालांकि, बाद में पता चला कि आरोपी उसे जानते थे, क्योंकि वे सभी एक ही संस्थान में पढ़ते थे। डीसीपी के मुताबिक, “हमारी जांच में पता चला कि एक शख्स ने पीड़ित को बहला-फुसलाकर एक जगह पर ले गया, जहां उसे बंदी बनाकर रखा गया था। रात 8:30 से 8:45 के बीच मदद के लिए कॉल आई और देर रात 12:30 से 1:00 बजे के बीच लड़के को बचा लिया गया।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस किडनैपिंग में चार लोग शामिल थे और वे पैसे चाहते थे, जिससे यह साबित होता है कि यह फिरौती के लिए किया गया अपहरण था। पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और जांच जारी है। उन्होंने कहा, "हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहे हैं। फिलहाल हमारे पास इस मामले में सबूत हैं, लेकिन हम दूसरे अपराधों में भी उनकी संभावित भूमिका की जांच कर रहे हैं।"