बेंगलुरु की सड़कों पर आधी रात को एक महिला के आत्मसम्मान पर हुआ घिनौना हमला! लेकिन महिला के एक खुफिया कदम ने कैसे बदल दिया पूरी वारदात का खौफनाक अंजाम? वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने लिया तगड़ा एक्शन…।

Bengaluru Woman Harassment: बेंगलुरु के सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर के राममूर्ति नगर इलाके में सोमवार की तड़के करीब 1:30 बजे सन्नाटा पसरा हुआ था। चिकमगलूर की रहने वाली 26 साल की एक कॉर्पोरेट महिला कर्मचारी अपने पेइंग गेस्ट (PG) अकोमोडेशन के बाहर खड़ी होकर रोज़ की तरह अपनी कैब का इंतज़ार कर रही थी। उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में उसके साथ एक ऐसी घटना घटने वाली है जो उसकी सुरक्षा को तार-तार कर देगी। तभी अंधेरे को चीरती हुई एक स्कूटर आकर उसके ठीक सामने रुकती है। स्कूटर पर सवार शख्स महिला को लगातार घूरने लगता है, जिससे माहौल में एक अजीब सी बेचैनी और खौफ पसर जाता है। महिला ने घबराने या वहां से हटने के बजाय अपना मोबाइल फोन निकाला, वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की और यही फैसला पूरे मामले का रुख बदल गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पुलिस हरकत में आई और कुछ ही घंटों में आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गया।

कैब का इंतजार कर रही थी महिला, तभी रुका स्कूटर

पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार तड़के करीब 1:30 बजे की है। निजी कंपनी में काम करने वाली महिला अपने पीजी आवास के बाहर कैब का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान स्कूटर सवार एक व्यक्ति उसके पास आकर रुका। महिला का आरोप है कि व्यक्ति पहले उसे लगातार घूरता रहा और फिर उससे आपत्तिजनक बातें करने लगा। जब महिला ने इसका विरोध किया और पूछा कि वह ऐसा क्यों कर रहा है, तब आरोपी ने कथित तौर पर उसकी "कीमत" पूछी और ₹10,000 देने की पेशकश कर दी। यही वह पल था जब महिला ने तुरंत अपना मोबाइल निकाला और पूरी बातचीत रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया।

₹10,000 की वो घिनौनी पेशकश: जिसने आत्मसम्मान को ललकारा

जब महिला ने उस अनजान शख्स की इस हरकत को बर्दाश्त करने के बजाय सीधे उसकी नीयत पर सवाल उठाया, तो उस आदमी ने सारी हदें पार कर दीं। उसने बेहद बेशर्मी से महिला से उसकी "कीमत" पूछ डाली और उसे ₹10,000 देने की पेशकश की। आधी रात के सन्नाटे में एक कामकाजी महिला के आत्मसम्मान पर यह बहुत बड़ा और घिनौना हमला था। अमूमन ऐसी स्थिति में कोई भी सहम जाता, लेकिन इस महिला ने डरने के बजाय एक ऐसा कदम उठाने का फैसला किया जिसने पूरे मामले का रुख ही पलट कर रख दिया।

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हथियार बना स्मार्टफोन: कैमरे की नज़र और आरोपी का भागना

उस अभद्र टिप्पणी से नाराज़ होकर महिला ने बिना वक्त गंवाए अपना मोबाइल फोन निकाला और उस शख्स की हरकतों को लाइव रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। जैसे ही कैमरे का लेंस उसकी तरफ घूमा, आरोपी के होश उड़ गए। खुद को कानून के शिकंजे में फंसता देख और वीडियो रिकॉर्ड होने के डर से वह अपनी स्कूटर को तेजी से भगाते हुए मौके से फरार हो गया। लेकिन वह यह भूल गया था कि उसका चेहरा और उसकी स्कूटर का नंबर पहले ही उस डिजिटल स्क्रीन में कैद हो चुके थे।

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इंस्टाग्राम पर वायरल वो चीख: "क्या मुझे सुरक्षित रहने का हक नहीं?"

उसी दिन दोपहर में महिला ने इस परेशान करने वाले वीडियो को इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। पोस्ट के साथ उसने एक बेहद मार्मिक और तीखा सवाल उठाया कि क्या एक महिला को किसी भी समय बिना किसी गलत प्रस्ताव या वस्तु समझे, सुरक्षित तरीके से कैब का इंतज़ार करने का भी अधिकार नहीं है? उसने वीडियो में बेंगलुरु पुलिस को टैग करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर यह वीडियो देखते ही देखते आग की तरह फैल गया और नेटिज़न्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

पुलिस का एक्शन और आरोपी का वो 'अजीब' दावा

वीडियो के वायरल होते ही बेंगलुरु पुलिस तुरंत हरकत में आई। उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए महिला से संपर्क किया और उससे औपचारिक शिकायत दर्ज कराने का अनुरोध किया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को धर दबोचा। आरोपी की पहचान एनआरआई (NRI) लेआउट के रहने वाले 42 वर्षीय फल विक्रेता विजय राघव के रूप में हुई। पुलिस ने उसकी स्कूटर को भी ज़ब्त कर लिया है। हालांकि, पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान आरोपी विजय राघव ने एक अलग ही कहानी गढ़ने की कोशिश की। उसने दावा किया कि वह सिर्फ एक फोन कॉल सुनने के लिए रुका था और जब महिला ने पूछा कि वह उसे क्यों देख रहा है, तो उसने मज़ाक में या किसी और संदर्भ में ₹10,000 देने की बात कही।

क्या सुरक्षित हैं शहर की औरतें? जांच के दायरे में छिपा सच

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि आरोपी चाहे जो भी दलील दे, लेकिन किसी भी महिला से आधी रात को उसका "रेट" पूछना और पैसे की पेशकश करना एक अक्षम्य अपराध है। बेंगलुरु में हाल के दिनों में महिलाओं के साथ बदसलूकी की यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले एक डिलीवरी बॉय का जबरन घर में घुसना और कैब ड्राइवर द्वारा यौन उत्पीड़न के मामले भी सामने आ चुके हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि उस रात बातचीत का सही क्रम क्या था, लेकिन इस बहादुर महिला ने यह साबित कर दिया है कि अगर वक्त पर हिम्मत दिखाई जाए, तो अपराधियों के हौसले पस्त किए जा सकते हैं!

क्या बेंगलुरु में बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं?

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब बेंगलुरु में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई घटनाएं चर्चा में रही हैं। हाल के महीनों में एक डिलीवरी एजेंट द्वारा महिला के घर में जबरन घुसने और एक कैब ड्राइवर पर महिला यात्री से कथित यौन उत्पीड़न के आरोप जैसे मामलों ने चिंता बढ़ाई है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनों के साथ-साथ त्वरित पुलिस कार्रवाई भी बेहद जरूरी है।

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