Bihar Flood Management: बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने 'प्रकृति ही प्रभु है' साइकिल यात्रा का स्वागत किया। पर्यावरणविद् अनिल प्रकाश जोशी की टीम ने बिहार के पर्यावरण मॉडल की तारीफ की। सीएम ने बताया कि राज्य का हरित आवरण 6% से बढ़कर 15% हो गया है।
Environmental Conservation in Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, सीएम सम्राट चौधरी ने शनिवार को 'प्रकृति ही प्रभु है' थीम वाली साइकिल यात्रा की टीम से मुलाकात की। यह यात्रा नेपाल के जनकपुर धाम से शुरू होकर भारत के कई राज्यों से होते हुए उत्तराखंड के देहरादून जाएगी। पर्यावरणविद् और पद्म भूषण अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में आई इस टीम ने बिहार सरकार और सीएम चौधरी के पर्यावरण से जुड़े कामों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बिहार पर्यावरण के क्षेत्र में एक अनोखा काम कर रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।
सीएम ने किया पर्यावरण यात्रा का स्वागत
मुलाकात के दौरान सीएम ने कहा, "मैं डॉ. अनिल प्रकाश जोशी और टीम के सभी सदस्यों का स्वागत करता हूं। जल संरक्षण, पर्यावरण को बेहतर बनाने, नदियों को पुनर्जीवित करने और लोगों में जागरूकता फैलाने के इस सफर के लिए मैं आपको शुभकामनाएं देता हूं।"
बिहार में पर्यावरण और विकास के काम
सीएम ने बताया कि बिहार-झारखंड बंटवारे के बाद राज्य में सिर्फ 6 प्रतिशत हरित आवरण (ग्रीन कवर) बचा था। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में पिछले 20 सालों में जल संरक्षण और पौधारोपण का काम तेजी से हुआ है। उन्होंने कहा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बिहार का ग्रीन कवर अब बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। पहले बिहार में सिंचित भूमि 21 लाख हेक्टेयर थी, जो अब 44 लाख हेक्टेयर हो गई है।"
जल प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर
उन्होंने आगे कहा कि इस साल 32 प्रतिशत कम बारिश होने के बावजूद नेपाल से आने वाले पानी की वजह से बिहार में बाढ़ के हालात बन गए। "हम गंडक, कोसी और गंगा नदियों के पानी को मैनेज करने के लिए एक स्थायी योजना पर काम कर रहे हैं। सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर बिहार और झारखंड के बीच सहमति बन गई है। हम इंद्रपुरी बैराज बनाएंगे और सोन नदी के पानी को फल्गु नदी से जोड़ेंगे।"
चौधरी ने कहा कि बिहार की ग्रामीण सड़कें बहुत अच्छी हैं। हर घर तक बिजली पहुंच गई है और लोगों को 24 घंटे बिना रुके बिजली मिल रही है। बिहार में विकास के काम तेजी से हो रहे हैं, लेकिन इसे पर्यावरण से जोड़कर विकास की रफ्तार को संतुलित रखा जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण की पहल
सीएमओ के अनुसार, बिहार की ग्रामीण महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर बन रही हैं। 1 करोड़ 81 लाख महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं। 50 लाख महिलाओं को "लखपति दीदी" बनाया गया है और 60 लाख "पशु सखी" बनाई जा रही हैं। हमारा लक्ष्य 2030 तक बिहार की सभी महिलाओं को हुनरमंद बनाना है। अगर गांव की अर्थव्यवस्था सुधरेगी, तो राज्य की अर्थव्यवस्था भी बेहतर होगी।
टिकाऊ भविष्य पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में इको-टूरिज्म पर तेजी से काम हो रहा है। राज्य में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाई गई हैं और उन पर असरदार तरीके से काम चल रहा है। बिहार के पानी का सही इस्तेमाल हो सके, इसके लिए जल प्रबंधन को लेकर एक एक्शन प्लान भी तैयार किया गया है।
आखिर में टीम का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, "पर्यावरण और बिहार के विकास को लेकर आपके सभी सुझावों का हम स्वागत करते हैं। यह हमारे लिए खुशी की बात है कि आप सब बिहार आए हैं। हम आपकी सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना करते हैं।"






