Samastipur Harassment Case: जमुई और समस्तीपुर में महिलाओं के साथ हुई छेड़खानी की घटनाओं के बाद विपक्ष ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने इसे 'जंगलराज' की वापसी बताते हुए सीएम सम्राट चौधरी की काबलियत पर सवाल उठाए हैं।

Bihar Samastipur Viral Video: जमुई की घटना के कुछ ही दिन बाद समस्तीपुर में एक महिला के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। राज्य में दिनदहाड़े हो रही छेड़खानी की इन घटनाओं को लेकर विपक्ष ने बिहार सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि प्रशासन कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह फेल हो चुका है।

कांग्रेस नेता ने सीएम के रिकॉर्ड पर उठाए सवाल

कांग्रेस के सीनियर नेता प्रमोद तिवारी ने मौजूदा हालात को 'जंगलराज' की वापसी बताया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए तिवारी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सीएम पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'सुशासन' वाले वादे पर भी सवाल खड़े किए। तिवारी ने कहा कि बिहार में कानून का राज पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, "बिहार में कोई कानून-व्यवस्था नहीं है, यह पूरी तरह 'जंगलराज' है। मुख्यमंत्री कौन है? जरा चेक कीजिए कि उन पर कितने क्रिमिनल केस दर्ज हैं, उनकी पढ़ाई-लिखाई कितनी है और उनका प्रशासनिक तजुर्बा क्या है। मैं सीधे नीतीश बाबू से पूछना चाहता हूं कि आपने 'सुशासन' का नारा दिया था, अब आपके सामने यह क्या हो रहा है? मैं बस इतना कहूंगा कि बिहार में कानून का राज नहीं है, यह सिर्फ और सिर्फ 'जंगलराज' है।"

आरजेडी सांसद ने बताया सिस्टम का फेल्योर

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद मनोज झा ने भी कुछ ऐसी ही बात कही। उन्होंने कुछ ही दिनों के भीतर कई जिलों में हुई घटनाओं के पैटर्न की तरफ इशारा किया। झा ने कहा, "करीब तीन दिन पहले, 19 सितंबर के आसपास जमुई की घटना हुई। फिर दरभंगा में कोशिश की गई। उसके बाद समस्तीपुर और कल रात पटना में ऐसा हुआ।" प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए झा ने आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने मुंह फेर लिया है। उन्होंने कहा, "इन सबके बाद मेरे पास कहने को कुछ नहीं बचा है। मैं अपने प्रधानमंत्री को ढूंढ रहा हूं। आप कहां गायब हो गए? आपने बिहार का क्या हाल कर दिया है? आपके लोग हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, 25 साल या 30 साल पुरानी बातें करते हैं। जाकर इन पीड़ित परिवारों से वो बातें कहिए। प्रधानमंत्री जी, चुनाव के वक्त कुछ और बोलना और बाद में बिहार से मुंह फेर लेना, यह एक आम बिहारी को बहुत चुभता है।"

सरकार ने दी कानून-व्यवस्था की दलील

विपक्ष का यह बयान तब आया जब समस्तीपुर जिले का एक नया वीडियो सामने आया। इस वीडियो में कुछ बदमाश दिनदहाड़े एक युवती के साथ छेड़खानी और गाली-गलौज करते दिख रहे हैं। इस बीच, बिहार के मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था को लेकर बहुत गंभीर हैं। उन्होंने जमुई के आरोपियों के हालिया एनकाउंटर का भी जिक्र किया। शैलेंद्र ने कहा, "सीएम सम्राट चौधरी राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त हैं। आपने देखा कि जमुई मामले में कैसे एनकाउंटर किया गया। इन घटनाओं के पीछे कोई न कोई वजह हो सकती है। सम्राट चौधरी की सरकार अपराधियों से निपटने में कोई समझौता नहीं करेगी।" उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाएं अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जी रही हैं और कहीं कोई डर का माहौल नहीं है।

हालिया घटनाओं और पुलिस एक्शन की डिटेल

हालांकि समस्तीपुर के वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वीडियो के तेजी से फैलने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले जमुई का एक कथित वीडियो सामने आया था, जिसमें दो नाबालिगों के साथ छेड़खानी और मारपीट की गई थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। जमुई मामले में पुलिस ने वीडियो शेयर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी शिकंजा कसा है। नाबालिग की पहचान उजागर करने वाले फुटेज शेयर करने पर करीब 120 प्रोफाइल्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों ने कुंदन कुमार, फैयाज और रामशीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। जमुई पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर नाबालिग पीड़ितों के कोई भी आपत्तिजनक या पहचान बताने वाले वीडियो और पोस्ट शेयर न करें।